कूड़ा निस्तारण पर न्यायालय में निगम को फटकार
मेरठ। मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी का निस्तारण न होने पर हाईकोर्ट ने सोमवार को नगर निगम को जमकर फटकार लगाई। न्यायालय में नगरायुक्त को पेश होना पड़ा। न्यायालय ने आगामी 6 सितंबर से पहले निगम को अपना स्पष्ट पक्ष रखने के आदेश जारी किए हैं।
दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में हजारों मीट्रिक टन कूड़ा पड़ा है, जिससे लोगों का काफी परेशानी होती है। इसको लेकर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। पूर्व में नगर निगम प्रशासन की तरफ से हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर तीन माह के भीतर कूड़े का निस्तारण करने की बात कही थी। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी कूड़ा वहीं पड़ा है। पिछले तिथि में हाईकोर्ट ने नगरायुक्त को स्वयं न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए थे। सोमवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान हाईकोर्ट में पक्ष रखने पहुंचे। नगरायुक्त ने न्यायालय को अवगत कराया कि नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण के लिए कंपनियों से ऑफर मांगे हैं। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही कूड़ा निस्तारण शुरू किए जाने की तैयारी है। न्यायालय ने नगरायुक्त का पक्ष सुनकर आगामी 6 सितंबर को सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित की है।