मेरठ। नगर निगम में बसपा की सरकार बनते ही बसपाइयों ने ठेकों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। महानगर में नौ वाहन पार्किंग में से पांच का ठेके पूर्व विधायक योगेश वर्मा के करीबी ने लिये हैं। बाकी चार ठेके अन्य लोगों को मिले हैं। नौ वाहन पार्किंग से 13 माह में नगर निगम को 31 लाख 85 हजार रुपये की आय होगी। वहीं, अवैध पार्किंग संचालकों पर शिकंजा कसा जाएगा। वाहन पार्किंग का ठेका छूटने से नगर निगम को तो आय होगी साथ ही वाहन पार्किंग से माफिया राज भी खत्म होगा।
महानगर में दस वाहन पार्किंग ठेके के लिए नगर निगम प्रशासन ने शुक्रवार को अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी के सामने उनके कार्यालय में ठेकेदारों से खुली बोली लगवाई। जिसमें कंकरखेड़ा स्थित कैलाशी अस्पताल 1.20 लाख, एपेक्स टावर, मिमहेंस अस्पताल, मंगलपांडे नगर 1.62 लाख, वोडाफोन, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक सनराइज टावर के सामने मंगलपांडे नगर 2.10 लाख, मेरठ किडनी अस्पताल साकेत 90 हजार और पश्चिमी कचहरी के पूर्वी भाग पर 2.71 लाख रुपये में वाहन पार्किंग का ठेका पूर्व विधायक योगेश वर्मा के करीबी राजीव को मिला है। इनके अतिरिक्त टाउन हॉल पार्किंग का ठेका 14 लाख रुपये में सरवत चौधरी के नाम छूटा है। वहीं, मूलचंद शर्बती देवी अस्पताल पर 6.35 लाख, सूरजकुंड पार्क 2.05 लाख, शॉप्रिक्स मॉल सुपरटेक दिल्ली रोड का ठेका 92 हजार रुपये में नितेश कुमार के नाम ठेका छूटा। डॉ. भूपेंद्र चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक आफिस सिविल लाइन पर पार्किंग को किसी ने बोली नहीं लगाई। संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शीघ्र ही ठेकेदारों को कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा।
मुख्य बातें
पूर्व विधायक के करीबी का पार्किंग ठेकों पर कब्जा