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कब्जा लेने पहुंची एमडीए की टीम किसानों के तेवर देखकर वापस लौटी

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गंगानगर। गंगानगर एक्सटेंशन की अधिग्रहित जमीन पर एमडीए की टीम पुलिस बल के साथ कब्जा लेने पहुंची। लेकिन किसानों के भारी विरोध के कारण टीम कब्जा नहीं ले पाई। किसानों का कहना था कि अभी तो उन्हें पिछले समझौता का पैसा नहीं दिया गया है जबकि नियमानुसार उन्हें नई नीति से मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों के कड़े तेवर को देख टीम को पीछे हटना पड़ा। काफी देर तक सामुदायिक केंद्र पर अधिकारियों तथा किसान नेताओं के बीच बातचीत चलती रही। लेकिन नतीजा नहीं निकला।
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गंगानगर ओ पाकेट स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी से सटी गंगानगर विस्तार योजना की जमीन है। एमडीए ने यहां अब्दुल्लापुर व आसपास के किसानों की 246 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया था। एमडीए इस जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश में है। शनिवार को इसकी पूरी प्लानिंग बनाई गई। तहसीलदार करन वीर सिंह, चीफ इंजीनियर दुर्गेश श्रीवास्तव, सहायक अभियंता धीरज सिंह, अधिशासी अभियंता डीसी तोमर, अवर अभियंता प्रदीप, सीओ सदर देहात श्रीराम अर्ज व एसओ गंगानगर आशुतोष कुमार फोर्स के साथ यहां पहुंच गए। जैसे ही किसानों को यह सूचना मिली तो इससे पहले ही काफी किसान यहां इकट्ठा हो चुके थे। किसान नेता राम मेहर सिंह भी पहुंच गए और किसानों के साथ वहीं धरना प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों की उपस्थित होने की जानकारी पुलिस बल के साथ कब्जा लेने आ रहे एमडीए अधिकारियों को मिली।
सामुदायिक केंद्र में हुई वार्ता
किसानों ने एलान कर दिया कि यदि जबरन कब्जा लेने की कोशिश की तो सही नहीं होगा। इस पर अधिकारी गंगानगर डिवाइडर रोड स्थित सामुदायिक केंद्र पर पहुंच गए। किसानों को वहीं वार्ता के लिए बुलाया गया। वार्ता में किसानों ने साफ कहा जब तक जमीन का वर्तमान रेट पर मुआवजा नहीं मिलता है वह जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे। एमडीए ने 2001 में हुए समझौते के तहत 210 रुपये के हिसाब से प्रतिकर तक नहीं दिया है। कई बार मांग को लेकर हंगामा करते हैं। लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक वार्ता चलती रही। लेकिन हल नहीं निकला। इस पर एमडीए अधिकारियों ने प्रशासन को इस मामले को अवगत कराने की बात कहते हुए वापसी की राह पकड़ ली। इस मौके पर किसान महावीर सिंह, राजेन्द्र सिंह, आदेश शर्मा, सतपाल, इश्तियाक अहमद, दाउद हसन, बुनियाद, अफसर अली, जेगम अली, गफ्फार, अखलाक, हनीफ, मंसूर, अजहर, अशफाक, खलील, श्रीपाल जैन आदि मौजूद रहे।
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बाद में लेंगे कब्जे
वीसी एमडीए साहब सिंह के अनुसार अभी तो केवल टीम देखने गई थी कि मौके पर क्या स्थिति है। जमीन एमडीए की है और इस पर कब्जा लिया ही जाएगा। जिसका जो पैसा था एमडीए दे चुका है। अब तो पूरा प्लान बनाकर पहले जमीन पर कब्जे लेंगे।
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खास बातें
- गंगानगर आईआईएमटी यूनिवर्सिटी से सटी जमीन का मामला
- कब्जे की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे, किया प्रदर्शन
- घंटाें चली बातचीत के बाद नहीं निकला कोई हल, टीम वापस लौट गई
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