राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए आपूर्ति विभाग के अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। पांच दिन पहले राशन की दुकान पर सील लगाने के बाद अभी तक दुकान में जमा राशन के गेेहूं और चावल की जांच नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राशन डीलर रिकार्ड खुर्दबुर्द करने में जुटा है।
सभी गरीबों को राशन मिले इसके लिए सरकार ने मशीनों से राशन वितरण व्यवस्था संचालित की हुई है। राशन विक्रेताओं ने मशीन को शो पीस बना दिया है। राशन डीलर मशीन में टावर न आने की बात कहकर जनता को राशन ही नहीं बांट रहे हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने ऐसे सभी राशन डीलरों को टारगेट पर लिया है जिनके यहां 50 प्रतिशत से कम राशन डीलरों को मशीन से राशन वितरण किया गया है। यानी प्रॉक्सी से राशन वितरण में विभाग भी धांधली की आशंका जता रहा है। शिकायत पर संयुक्त खाद्य आयुक्त ने आपूर्ति इंस्पेक्टर को साथ लेकर 31 अक्तूबर को लक्खीपुरा में राशन डीलर नेता शाहिद खान के बेटे की दुकान पर छापा मारा था। दुकानदार मौके से भाग गया था। संयुक्त खाद्य आयुक्त ने दुकान पर सील लगवा दी थी। बताया गया था कि 800 राशन कार्ड धारकों में से मात्र 92 राशन कार्ड धारकों को ही मशीन से राशन के गेहूं, चावल का वितरण किया गया था। बाकी का वितरण प्रॉक्सी से दिखाया गया। पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आपूर्ति विभाग ने दुकान में रखे राशन की जांच नहीं की है। जबकि दूसरे माह यानी नवंबर माह के राशन का वितरण पूरे जनपद में शुरू हो चुका है। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि गेहूं की कालाबाजारी करने वाला एक भी राशन डीलर नहीं बख्शा जाएगा। गंगास्नान की छुट्टी की वजह से लक्खीपुरा की दुकान में रखे राशन और रिकार्ड की जांच नहीं हो पाई थी। दो दिन के अंदर जांच और कार्रवाई निश्चित होगी।