गाजियाबाद के लिए
जीएसटी के बाद से दवा कारोबार चल रहा मंदा
अब कांवड़ यात्रा के चलते रूट रहेंगे परिवर्तित
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के चलते करीब एक सप्ताह तक दवाओं की किल्लत रहेगी। दवा कारोबारियों का कहना है कि नये स्टॉक के आने की उम्मीद थी, मगर कांवड़ यात्रा पर रूट डायवर्जन के कारण वह भी एक सप्ताह तक नहीं आ पाएगा, जिस कारण दवाओं की और कमी होगी।
मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि दवा कारोबार पहले से ही काफी घट चुका है। जीएसटी के बाद से 25 से 30 प्रतिशत घट गया है, क्योंकि नया स्टॉक नहीं आया और पुराने स्टॉक में काफी दवाएं कम हो गई हैं। रूट डायवर्जन के कारण नया स्टॉक आएगा नहीं और इससे दवा कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत की और गिरावट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि मेरठ में दवा कारोबार करीब ढाई-पौने तीन करोड़ रोजाना का था, जो जीएसटी के बाद घटकर तकरीबन डेढ़-पौने दो करोड़ का रह गया है। दवा विक्रेता मनोज अग्रवाल ने बताया कि मेरठ में अधिकांश दवाएं लखनऊ, गाजियाबाद और आगरा से आती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन रहेगा, इस कारण नया स्टॉक आने में परेशानी है। वहीं अब दवा कारोबारी जीएसटी लगाकर बिल देने लगे हैं।
मेडिकल में बनाया अलग वार्ड
कावंड़ियों के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में कांवड़िये वार्ड बनाया गया है। ट्रॉमा सेंटर में बनाया गया यह वार्ड 10 बेड का है।