मेरठ। शास्त्रीनगर की महिला ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी व डीजीपी सुलखान सिंह से मेरठ पुलिस के खिलाफ शिकायती पत्र भेजने की बात कही है। आरोप लगाया है कि खरखौदा थाने में महिला को पुलिसकर्मियों ने पहले पीटा और फिर गलत आरोप लगाकर जेल भेज दिया। महिला को काफी चोट आई है, जिसका इलाज नोएडा के एक अस्पताल में चल रहा है।
शास्त्रीनगर एल ब्लॉक निवासी सरोज पत्नी जितेंद्र कुमार 18 जून को अपनी बेटी के साथ खरखौदा थाने में गई थी। महिला ने बताया है कि चार अप्रैल को सामूहिक विवाह समारोह में उसने सोनू नाम के एक युवक की शादी अलीपुर की एक युवती से कराई थी। जिसमें उसके 30 हजार रुपये खर्च हुए थे। युवक पैसे नहीं दे रहा था। जिस संबंध में वह थाने गई थी। आरोप है कि सोनू ने थाने में महिला को अपशब्द कहे, जिस पर उसने गुस्से में पुलिस के सामने सोनू को एक थप्पड़ मारा था। आरोप लगाया कि तभी पुलिसकर्मी महिला को घसीटते हुए थाना परिसर स्थित कंप्यूटर रूम में ले गए। जहां पर महिला और पुरुष कांस्टेबलों ने उसे बंधक बनाकर पीटा। इंस्पेक्टर खरखौदा पर भी मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी से साठगांठ कर उसको जेल भिजवाया। 21 जून को वह जेल से जमानत पर बाहर आयी।
इस संबंध में इंस्पेक्टर खरखौदा संदीप सिंह का कहना है कि महिला के सारे आरोप निराधार हैं। थाने में महिला ने सोनू को पीटा, फिर महिला कांस्टेबल से मारपीट कर दी। मारपीट करने के मामले में उसे जेल भेजा गया। थाने में उसके साथ मारपीट की घटना नहीं हुई।
खास बात
- लेनदेन के मामले में समझौते को थाने में आई थी महिला
- 18 जून को मारपीट के मामले में महिला जेल भेजी थी