साठगांठ से फिर धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन
सरधना, दौराला और भावनपुर थाना क्षेत्र में हो रहा सबसे ज्यादा खनन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जनपद में मिट्टी का अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। योगी सरकार आने के बाद कुछ सख्ती हुई। लेकिन खनन फिर से शुरू हो गया। अब चुनाव के दौरान तो खनन तेजी से बढ़ गया है। हालात ये हैं कि रात गहराते ही खेतों में जेसीबी खनन में लग जाती हैं और मिट्टी के दर्जनों डंफर सुबह होने तक सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। यह पूरा खेल खनन विभाग और पुलिस की साठगांठ से चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता संभालने के साथ ही अवैध पशु कटान, भूमाफियाओं और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने को प्राथमिकता में रखा था। सरकार बनने के शुरुआती कुछ माह तक खनन पर प्रतिबंध भी रहा। लेकिन फिर सेटिंग के खेल में धीरे धीरे शुरू हो गया। इस बीच जब खनन पर सख्ती के बीच खेतों को समतल करने और व्यक्तिगत काम के लिए अपने खेत से मिट्टी उठाने वाले किसानों का उत्पीड़न सामने आया तो नियमों में बदलाव कर दिया गया।
बदलाव की आड़ में खेल शुरू
खेतों से 10 बुग्गियां उठाने के लिए सिर्फ लिखित अनुमति लेने के नियम की आड़ में जमकर खेल शुरू हुआ। खनन माफियाओं ने इस नियम की आड़ में 10 बुग्गियों के बजाय कई सौ बुग्गियां मिट्टी का खनन विभागीय मिलीभगत से शुरू कर दिया।
अनुमति पत्र पर भी खेल
खनन से जुड़े लोगों के अनुसार अनुमति की आड़ में बड़े खनन माफिया खुलकर खेल कर रहे हैं। मिट्टी खनन की अनुमति एक मीटर गहराई तक होती है। सरकारी विकास कार्यों में होने वाले मिट्टी भराव के काम की अनुमति आसानी से मिल जाती है। ऐसे में ये खनन ठेकेदार एक मीटर मिट्टी खनन की अनुमति की आड़ में दो से तीन मीटर गहराई तक मिट्टी खनन करके उस मिट्टी को प्राइवेट कालोनियों व अन्य कामों के लिए बेच देते हैं। इस खेल में तहसील प्रशासन की साठगांठ होती है, जो अपनी जांच में अनुमति पत्र में दी गई माप के अनुसार ही खनन होने की रिपोर्ट देते हैं।
यहां चल रहा है खनन
जनपद में इस समय सरधना, दौराला, मोदीपुरम, इंचौली, भावनपुर, मुंडाली, रोहटा, जानी और कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में खनन चल रहा है। इनमें सरधना, दौराला और भावनपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा खनन है।
रात गहराते ही खनन माफिया सक्रिय
रात के 10 बजते ही खेतों में जेसीबी मशीन उतर जाती हैं और आधी रात के बाद 3 बजे तक खनन चलता है। तड़के चार बजे तक मिट्टी से भरे डंफर मिट्टी तय स्थानों पर डालने के बाद गायब हो जाते हैं। इस दौरान संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ ही रात में यूपी 100 पुलिस भी इन मिट्टी से भरे डंफरों से उगाही करती है।
अमर उजाला ने पकड़ा खेल
अमर उजाला टीम ने इस खनन की पड़ताल की। जिसमें सोमवार रात को ही गंगानगर में गंगासागर कॉलोनी के बाहर एक मिट्टी से भरे डंफर को पुलिस की गाड़ी रोके हुए थी। यह क्षेत्र भावनपुर थाना क्षेत्र में आता है। अमर उजाला टीम की गाड़ी के रुकते ही पुलिस की जीप वहां से हट गई। जब अमर उजाला रिपोर्टर ने मिट्टी से भरे डंफर के फोटो किए तो जीप के ड्राइवर ने फोटो खींचने का कारण पूछा, जवाब मिलने पर उसने भी कार्रवाई के लिए रोके जाने की बात कही। लेकिन यह डंफर मंगलवार को भावनपुर थाने में नजर नहीं आया।
खेत बना दिए तालाब
मिट्टी खनन कितने बड़े स्तर पर हो रहा है, इसकी स्थिति का पता उन खेतों को देखकर लगाया जा सकता है, जहां खनन हो चुका है या हो रहा है। यही नहीं, खनन माफिया मिट्टी खनन कर मिट्टी का स्टॉक भी कर रहे हैं। अमर उजाला ने इन सभी ठिकानों को अपने कैमरे में पड़ताल के दौरान कैद किया।
और ज्यादा सख्ती होगी
मैंने पिछले दिनों रात में खुद कई मार्गों पर निरीक्षण किया था। इस दौरान कुछ डंफर मिले थे, जिन पर कार्रवाई तय कराई थी। अब इस मामले में और ज्यादा सख्ती होगी। अनुमति वाले खेत की भी क्रॉस जांच कराई जाएगी। -सुभाष चंद्र प्रजापति, एडीएम वित्त/राजस्व व खनन प्रभारी