बुर्के को लेकर दिए गए अपने बयान पर स्वामी अग्निवेश ने माफी मांग ली है। उन्होंने अपना बयान जारी करके कहा कि उनका मकसद किसी की भावना को आहत करना नहीं था, लेकिन उनके शब्दों से यदि किसी को ठेस पहुंची, तो वह खेद प्रकट करते हैं और अपने शब्द वापस लेते हैं।
आर्य समाजी स्वामी अग्निवेश के विवादित बयान पर देवबंद के उलमा ने नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि बुर्के को लेकर स्वामी अग्निवेश का बयान विवादित है और ऐसे बयान से लोगों की भावना आहत होती हैं।
वहीं, बुधवार को स्वामी अग्निवेश ने अमर उजाला संवाददाता को अपना बयान भेजकर कहा कि भोपाल में हुई प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने दिग्विजय सिंह के पक्ष में और प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ अपने विचार रखे थे। मुस्लिम औरतों के बुर्के को लेकर भी स्पष्ट किया था कि इस्लाम में ऐसी कोई बंदिश नहीं है। क्योंकि हजरत खदीजा और हजरत आयशा जैसी विदुषी मुस्लिम महिलाएं कभी बुर्के में नहीं रहीं।
पड़ोसी देश की मुस्लिम राजनीतिक नेता जैसे बेनजीर भुट्टो या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री हसीना आदि भी बगैर बुर्के रहती थीं। हिंदू औरतें चाहें हरियाणा की और राजस्थान की हों, घूंघट में वह भी गलत है, ऐसे घूंघट का भी आर्य समाज पूरी तरह विरोध करता है और चाहता है कि मुस्लिम समाज के नेता स्वयं आगे बढ़कर बुर्के पर पहल करें और उसे सुधारें जैसे केरल के मुस्लिम समाज के लोगों ने शुरुआत कर दी है।
इस संदर्भ में यदि मेरे मुंह से कोई ऐसी बात निकली है जिससे किसी की भावना आहत हुई, तो वह खेद प्रकट करते हैं और अपने शब्द वापस लेते हैं। क्योंकि जुबां फिसलने के कारण कोई गलत शब्द निकल गया।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/