बगैर मान्यता वाले स्कूलों पर अब होगी एफआईआर
- शासन के निर्देश पर बीएसए ने गठित की टीम
- चार टीमें 15 दिन में बंद कराएंगी अमान्य स्कूल
मेरठ। बगैर मान्यता के संचालित स्कूलों पर एक लाख जुर्माने के बाद अब एफआईआर की कार्रवाई शुरू होेगी। शासन और प्रशासन अमान्य पब्लिक स्कूलों पर कार्रवाई के लिए सख्त हो गया है। कारण है कि अमान्य विद्यालयों के कारण सरकारी प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या गिरती जा रही है। बीएसए ने इसके लिए प्रत्येक जनपद में टीमों का गठन किया है। जिसमें खंड शिक्षाधिकारी, एबीआरसी, एक अध्यापक सहित पांच सदस्य शामिल होेंगे।
बीएसए सतेन्द्र ढाका ने बताया कि उप्र बेसिक शिक्षा अपर मुख्य सचिव और डीएम ने जनपद में संचालित अमान्य विद्यालयों के विरुद्ध शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई कर संचालित अमान्य विद्यालयों को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष अभियान के लिए टीमें भी गठित कर दी गई हैं। 15 दिन के भीतर सभी अमान्य विद्यालयों को बंद कराया जाएगा। अभियान की शुरुआत मेरठ तहसील के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में की जाएगी। इसके बाद सरधना और मवाना तहसील में अभियान चलेगा। बीएसए का कहना है कि सभी अमान्य पब्लिक स्कूलों की सूची तैयार कर ली गई है। सभी को पिछले माह चेतावनी और जुर्माना लगाने के बाद पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। उसके बाद भी अगर कोई अमान्य स्कूल चलता मिलता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।