नगरायुक्त ने किया निरीक्षण, मिले गंदगी के ढेर
मेरठ। नगरायुक्त ने शुक्रवार को वार्ड 58 की गलियों में पैदल ही घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान वहां जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे मिले। लोगों ने उनसे समस्याएं बताते हुए कहा कि क्षेत्र में हर गंदगी का अंबार लगा है। नालियां चोक हैं, लेकिन सफाई कर्मी यहां आते ही नहीं हैं।
नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान शुक्रवार सुबह 11:30 बजे वार्ड 58 के सूरजकुुंड, हनुमानपुरी, लक्ष्मीनगर, बंशीपुरा, सरस्वती मंदिर, आर्य नगर, गांधी नगर, राम बाग और बुद्धविहार कॉलोनी में पहुंचे। लेकिन वहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं मिला। बाद में बुलावे पर सुपरवाइजर पहुंचे, लेकिन वह गंदगी को लेकर कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे पाया। इस दौरान स्थानीय निवासी उत्तम सैनी, नितिन मित्तल, शुभम कश्यप, अजय कुमार, मनुज कुमार, चिराग गुप्ता, राजीव सैनी, सनी मोदी, अनुज कुमार, मोहित गुप्ता मौजूद रहे। वहीं पार्षद अंशुल गुप्ता ने नगरायुक्त को हनुमानपुरी से गुजर रहे गंदगी से भरे नालों को भी दिखाया। इस पर नगरायुक्त ने आश्वासन दिया कि नाले की सफाई मैनुअल कराई जाएगी।
एडवांस में लग जाती है हाजिरी
नगरायुक्त निरीक्षण को पहुंचे तो जहां जगह जगह गंदगी के ढेर मिले वहीं सुपरवाइजर नितिन के पास से मिले हाजिरी रजिस्टर में अगले दिनों की भी उपस्थिति लगी मिली। सफाई कर्मियों की हाजिरी छह जुलाई की ही नहीं बल्कि सात जुलाई की भी लगी मिली। नगरायुक्त ने हाजिरी रजिस्टर को कब्जे में ले लिया। वहीं सुपरवाइजर नितिन को हटाकर एक महिला सफाई कर्मचारी को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंप दी।
दिन निकलते ही गंदगी की समस्या को लेकर लोग हमारे घर पहुंच जाते हैं। व्यवस्था में सुधार की मांग करते हैं तो काम न करने वाले सफाई कर्मचारी धमकी देना शुरू कर देते हैं। नगरायुक्त वार्ड में आए तो उन्हें सभी समस्याओं के बारे में बताया गया। अंशुल गुप्ता, पार्षद
वार्ड में स्थिति ठीक नहीं मिली। सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नदारद मिलने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को लिखा गया है। स्वच्छता मित्रों को अपना काम करना होगा, नहीं करेंगे तो कार्रवाई होगी। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।