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Meerut News: प्रेमविहार में 10 साल की बच्ची पर कुत्तों ने किया हमला, दिल्ली रेफर

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माधवपुरम में आवारा कुत्ते ने 9 साल की बच्ची को नोच डाला
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मेरठ। शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। वार्ड-34 माधवपुरम स्थित प्रेमविहार में शनिवार रात भाजपा नेता योगेश शर्मा की 10 वर्षीय बेटी श्रेया पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची का हाथ बुरी तरह नोच दिया। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और कुत्तों को खदेड़ा। घायल श्रेया को जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां उचित इलाज न मिलने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया।
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योगेश शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी श्रेया रात करीब 8 बजे घर से 100 मीटर दूर परचून की दुकान से सामान लेकर लौट रही थी। तभी अचानक झुंड में घूम रहे कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों ने उसका हाथ बुरी तरह नोचा। कुत्तों के अचानक हमले से वह सड़क पर गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर कुत्तों को भगाया और बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची को दिल्ली रेफर कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि श्रेया के जख्म गहरे हैं और उसे एंटी रेबीज सीरम आईपी (एआरएस) की तत्काल जरूरत है। यह सीरम जिला अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है।

निगम की लापरवाही पर फूटा आक्रोश
स्थानीय लोगों ने घटना के बाद नगर निगम के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि लावारिस कुत्तों की शिकायत बार-बार करने के बावजूद निगम की टीम क्षेत्र में नहीं पहुंचती। इस घटना की सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर वार्ड-34 के पार्षद राजकुमार मांगलिक, वार्ड-48 के पार्षद दीपक वर्मा पहुंचे। प्रेमविहार और आसपास के इलाकों के लोगों ने मांग की कि नगर निगम लावारिस कुत्तों को तुरंत पकड़कर एबीसी सेंटर में भेजे। साथ ही जिला अस्पताल में एआरएस सीरम उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाए तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। नगर निगम की लापरवाही पर लोगों ने हंगामा भी किया।
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कई लोगों को कुत्तों ने बनाया शिकार- वार्ड-58 में प्रगतिनगर में एक महीने पहले होमगार्ड प्लाटून कमांडर सुनील उपाध्याय पर कुत्तों ने हमला किया था।
- परतापुर क्षेत्र में जून माह में कुत्तों ने 8 वर्षीय मासूम को नोचकर घायल कर दिया था।
- कंकरखेड़ा में जुलाई महीने में 14 साल के बच्चे को कुत्तों ने काटा था।
- पांडवनगर में 10 दिन पहले एक महिला पर कुत्तों ने किया था हमला।


कुत्तों की नसबंदी नहीं कर पर रहा निगम
एनएच-58 स्थित शंकर नगर स्थित नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की बदहाली पर अमर उजाला ने चार दिन पहले स्टिंग ऑपरेशन कर खुलासा किया था कि यहां नसबंदी और टीकाकरण का कार्य केवल कागजों में हो रहा है। इसके बावजूद निगम प्रशासन गंभीरता से कदम नहीं उठा रहा है। इससे कॉलोनियों में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।


जिला अस्पताल में एआरएस इंजेक्शन नहीं होना बड़ी लापरवाही

मेरठ जैसे बड़े जिले में कुत्तों के काटने के लिए आवश्यक एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) इंजेक्शन उपलब्ध न होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। जिला अस्पताल में केवल साधारण एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं लेकिन गंभीर मामलों में लगने वाला एआरएस सीरम नहीं है। मजबूरन मरीजों को दिल्ली या अन्य शहरों में रेफर किया जाता है। इससे गरीब परिवारों को भारी आर्थिक और मानसिक संकट झेलना पड़ता है।

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बच्ची को कुत्ते के काटने की जानकारी मिली है। प्रेमविहार में कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम अपनी टीम भेजेगा। कुत्तों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने और नसबंदी की प्रक्रिया चल रही है।
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डॉ. अमर सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

माधवपुरम में आवारा कुत्ते ने 9 साल की बच्ची को नोच डाला

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