लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एलएलआरएम) में एक मुर्दे के 10 एक्सरे कराने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ), जूनियर चिकित्सकों और स्टाफ समेत 11 लोगों से जवाब तलब किया है। दोषियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल, बीते 20 जून को मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-7 में एक व्यक्ति ने तेज रफ्तार कार से कई वाहनों में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में एक रिक्शा चालक घायल हो गया था, जिसकी बाद में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
मृतक रिक्शा चालक की पहचान अख्तर निवासी फतेहउल्लापुर के रूप में हुई थी। मौत के बाद 10 एक्सरे कराने की सूचना से इमरजेंसी में हड़कंप मच गया। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने एक ईएमओ, आर्थोपेडिक विभाग से जुड़े जेआर-1 से लेकर जेआर-3 तक पांच लोग और सर्जरी विभाग के पांच लोगों से लिखित में जवाब तलब किया है।
मंशा गलत नहीं थी, पर अनुमति नहीं ली गई: प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. गुप्ता का कहना है कि चिकित्सकों और स्टाफ की मंशा गलत नहीं थी। वह यह जानना चाहते थे कि मौत किस कारण से हुई है। आर्थोपेडिक वाले कह रहे थे कि सीने में फ्रैक्चर की वजह से मृत्यु नहीं हो सकती, जबकि सर्जरी वाले कह रहे थे कि फ्रैक्चर की वजह से ही मृत्यु हुई है। उनकी गलती यह है कि उन्हें इसके लिए मुझसे अनुमति लेनी चाहिए थी। इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जा रही है।