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जिले के 17 लाख से ज्यादा लोग ‘बे’आधार

Tue, 25 Jun 2019 04:20 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आधार - फोटो : IA
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मेरठ। लोगों की सुविधा और हर काम में पारदर्शिता लाने के लिए आधार कार्ड व्यवस्था लागू की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यवस्था सही न बन पाने के कारण सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। जिले में करीब 36 लाख की जनसंख्या है, इसमें 80 प्रतिशत (28.80 लाख) लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं, लेकिन 60 प्रतिशत (17.28 लाख) आधार कार्ड में गड़बड़ी है। किसी में नाम की गलती है तो किसी में जन्मतिथि और पिता का नाम ही गलत कर दिया गया है। आधार कार्ड की गलती ठीक कराने के लिए तीन माह की वेटिंग है, लोग सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन उनका नंबर नहीं आ रहा।
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जिले के बैंकों में 22 केंद्र
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर संजय कुमार के मुताबिक जिले में मेरठ सहित मवाना, सरधना, हस्तिनापुर सहित पंद्रह बैंक शाखाओं और डाकघर को मिलाकर 22 केंद्रों पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इन 22 केंद्रों पर एक-एक कर्मचारी आउट सोर्सिंग पर तैनात किए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रतिदिन करीब 18 से 20 हजार लोग आधार ठीक कराने और नये बनवाने के लिए आ रहे हैं। 450 से 500 तक ही लोगों के कार्ड बन पा रहे हैं। एक आधार कार्ड बनाने में एक एजेंट को 25 से 30 मिनट का समय लगता है। आए दिन सर्वर डाउन होने के  समस्या के चलते समय बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है। आधार कार्ड बनवाने के लिए निश्चित समय सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक है। सुबह पांच से छह बजे के मध्य कई शाखाओं में टोकन दिए जाते हैं। फिर उसी के अनुसार काम होता है।

शहर में यहां बन रहे आधार कार्ड
देना बैंक बढ़ाना गेट, आंध्रा बैंक गढ़ रोड, पंजाब एंड सिंध बैंक बेगमपुल, विजिया बैंक गढ़ रोड, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जेलचुंगी, स्टेट बैंक आफॅ इंडिया शास्त्रीनगर, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स शास्त्रीनगर, इलाहाबाद बैंक माल रोड छावनी, कैनरा बैंक यूनिवर्सिटी रोड, पंजाब नेशनल बैंक गढ़ रोड, बैंक ऑफ इंडिया खैरनगर, यूनियन बैंक, दिल्ली रोड।
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व्यवस्था की कमी
पूर्व में नगर पंचायत या वार्ड वार आधार के लिए कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। एक कंप्यूटर में तीन व्यक्तियों को लगाया गया था। एक बूथ पर लगभग दस कर्मचारी होते थे। हालांकि अब सिर्फ बैंक और डाकघर में ही आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है। जहां एक कर्मचारी ऑटसोर्सिंग पर आधार कार्ड बना रहा है।

कई शाखाओं में तीन माह तक की वेटिंग
शहर में गढ़ रोड स्थित बैंक शाखा में तीन माह के लिए आधार कार्ड की वेटिंग है। बैंक ने प्रतिदिन 25 आधार कार्ड बनाने के हिसाब से तीन माह तक के टोकन लोगों को बांट दिए हैं। अन्य बैंकों की शाखाओं में सुबह से ही लोग लाइन में लग जाते हैं।

जन्मतिथि का लखनऊ में निवारण
आधार कार्ड में उम्र अगर एक साल से अधिक गलत होती है तो व्यक्ति को गलती ठीक कराने दिल्ली या लखनऊ जाना होता है। इस समस्या का आधार सेंटर पर निवारण नहीं होता।

कई सेंटर हुए कैंसल
आधार कार्ड बनाने में पैसा लेने की शिकायत पर आधार कार्ड सेंटर कैंसल कर दिया जाता है। दिल्ली चुंगी स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में पूर्व में आधार कार्ड बनाए जा रहे है। सीनियर बैंक मैनेजर अजय जैन के अनुसार शिकायत मिलने पर आधार कार्ड सेंटर पर तैनात कर्मचारी को हटा दिया गया है।

दिल्ली रोड बैंक पर हंगामा
दिल्ली रोड स्थित यूनियन बैंक की शाखा में सुबह चार बजे ही लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए पहुंच गए थे। हालांकि बैंक द्वारा 16 टोकन ही दिए गए। इस बीच एक महिला सहित अन्य लोगों ने हंगामा भी किया। उन्होंने बताया कि लाइन में आगे थे लेकिन कुछ लोगों ने उनके स्थान पर टोकन प्राप्त कर दिया।

सर्वर बंद होने से बढ़ी परेशानी
दिल्ली रोड स्थित यूनियन बैंक की शाखा पर सोमवार सुबह से ही सर्वर ठप होने के कारण बैंक में टोकन लेकर पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। बैंक कर्मचारियों ने भी कुछ भी मदद करने से इंकार कर दिया। वहीं, मुख्य प्रबंधक विनोद कुमार ने कहा कि वह भी बताने या मदद करने में असमर्थ हैं।

सुधार के लिए उठा रहे कदम
कई कारणों से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिले में करीब 60 प्रतिशत लोगों के आधार में गड़बड़ी है। इन्हें ठीक कराने में समय लगेगा। लोगों की सहूलियत के हिसाब से व्यवस्था बनाई जा रही है। सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। - संजय कुमार, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर
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