दो अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद पुलिस-प्रशासन कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। 10 अप्रैल को लेकर भारत बंद की सोशल मीडिया पर चल रहीं सूचनाओं का संज्ञान लेते हुए 14 अप्रैल डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती तक जिला अलर्ट पर रहेगा। पुलिस फोर्स, आरएएफ और पीएसी के जवानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। भारत बंद के लिए किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन फिर भी किसी भी हालात से निपटने के लिए सुरक्षा बंदोबस्त पूरे हैं।
व्हाट्स एप पर ग्रुप बनाकर रहें अपडेट
डीएम अनिल ढींगरा ने बचत भवन में आयोजित बैठक में अफसरों को निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर हर सूचना व गतिविधि से अपडेट रहें। हर घटना का संज्ञान लें। जिले में कोई भी नई परंपरा न बनने दें। परंपरागत आयोजन की अनुमति के संबंध में आयोजकों के साथ बैठक के बाद ही अनुमति दें। जिले में धारा 144 प्रभावी है। कोई इसका उल्लंघन करे तो रिपोर्ट दर्ज जेल भेजें।
सूचना तंत्र विकसित करें
डीएम ने सभी थानाध्यक्षों एवं मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहकर लोगों से बेहतर संपर्क बनाकर शांति समिति की बैठकें आयोजित करें। अपने सूचना तंत्र को विकसित करें। अपने क्षेत्रों के कुख्यात, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर व संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखें
नौ अप्रैल तक लें प्रार्थनापत्र
जिलाधिकारी के अनुसार 14 अप्रैल के कार्यक्रमों के लिए आयोजकों से संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष से नौ अप्रैल तक प्रार्थनापत्र प्राप्त कर लें और संबंधित मजिस्ट्रेट आयोजकों के साथ बैठक करने के उपरांत ही कार्यक्त्रस्म, शोभायात्रा, जुलूस आदि की अनुमति दें।
तीन दिन में दें प्रमाणपत्र
प्रतिमाओं की सूची करें तैयार
एसएसपी मंजिल सैनी ने सभी थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे 14 अप्रैल के कार्यक्रमों और स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की पूरी सूची तैयार कर लें। थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के संबंध में कोई भी विवाद न होने का प्रमाणपत्र तीन दिन में अवश्य दें।
विद्यार्थियों को रखें प्रदर्शन से दूर: आयुक्त
मेरठ। आयुक्त कैंप कार्यालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि गोपनीय सूचनाओं के संकलन को और पुख्ता कर दिया गया है।
उन्होंने भ्रामक खबर फैलाने वालों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने, मजिस्ट्रेट व थाना प्रभारियों को ग्रामों व शहर में भ्रमणशील रहकर हर गतिविधि पर नजर रखने, ग्राम प्रधानों के साथ बैठके करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों विशेषकर उनके अभिभावकों से अपील की कि वह अपने बच्चों को धरना, प्रदर्शन, जुलूस आदि गतिविधियों से दूर रखें क्योंकि प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने पर उनका भविष्य खराब हो सकता है। कहा कि साइबर सेल के माध्यम से सोशल मीडिया आदि सभी पर नजर रखी जा रही है। इस दौरान एडीजी जोन प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार, डीएम और एसएसपी सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर नजर
एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने बताया कि सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो की छानबीन के उपरांत वीडियो भेजने वाले से पूछने पर पता चला कि उनके द्वारा जातीय व धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित कोई भी वीडियो अपलोड नहीं की गई।