मेरठ। आचार्य वसुनंदी जी महाराज के सानिध्य में त्यागी हॉस्टल में इंद्रों ने श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर जलाभिषेक किया। शांतिधारा का सौभाग्य मयंक जैन, संजय जैन, रमेश चंद्र जैन, उमेश जैन ने किया। नव देवता की पूजा भी की गई।
श्री नंदीश्वर द्वीप महामंडल विधान की 12 पूजाएं की गई। 250 अर्घ्य श्री फल इंद्र एवं इंद्राणियों ने मांडले पर संगीतमय नृत्य कर भक्ति भाव से चढ़ाए। आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज का पाद प्रक्षालन विनोद जैन, निखिल जैन ने किया। शास्त्र भेंट का सौभाग्य दिनेश जैन को प्राप्त हुआ। भगवान के चित्र का अनावरण योगेश जैन और अनिल जैन ने किया। वहीं महाआरती विपिन जैन ने की। इस दौरान विश्व शांति के लिए एक लाख मंत्रों से आहुतियां दी गई। सभी धार्मिक क्रिया विधानाचार्य मनोज जैन शास्त्री ने कराई। जबलपुर से पधारे संगीतकार प्रीति जैन ने धार्मिक भजनों पर नृत्य किया। आर्यिका वर्ध स्वनंदी माता जी ने कहा कि भक्ति परंपरा मुक्ति देने वाली है। प्रभु से मित्रता करने वाला तीनों लोकों में अभय रहता है। वह सर्व दुखों से मुक्त हो जाता है। भगवान वसुनंदी जी मुनिराज ने कहा कि यह नंदीश्वर द्वीप आठवां द्वीप है। मनुष्य वहां नहीं जा सकते। मनुष्य तो कृत्रिम रचना है। नंदीश्वर की पूजा अर्चना कर पुण्यार्जन किया जा सकता है। इस दौरान सुरेश जैन रितुराज, अजेंद्र जैन, प्रिंस जैन, प्रभास जैन, सुभाष जैन, राकेश जैन, मनोज जैन, कपिल जैन, अक्षत जैन, अंकुर जैन, नमन जैन, शौर्य जैन आदि मौजूद रहे।