छापे की सूचना मिलते ही रिश्वत लेने के आरोपी अधीक्षक आफताब व निरीक्षक विकास भाग गया। छापे के दौरान कार्यालय में मौजूद सहायक आयुक्त जेके रजनीश से भी सीबीआई ने पूछताछ की। शिकायतकर्ता अनिल राघव ने अनुसार सीजीएसटी अधीक्षक आफताब और निरीक्षक विकास ने उनसे दो लाख रुपये मांगे थे। इसकी पहली किस्त एक लाख रुपये अधीक्षक के निजी चालक सचिन ने ली। तभी बुधवार को टीम ने उसे दबोच लिया था।
सीबीआई में 11 फरवरी को दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कृष्णा विहार निवासी अनिल राघव की होम केयर सॉल्यूशन (एचसीएस) फर्म है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सामान की पैकिंग की जाती है। अनिल ने सीबीआई को बताया कि समय पर जीएसटी फाइल करते हैं। दोनों अधिकारियों अधीक्षक आफताब और निरीक्षक विकास ने फर्म से खरीद और बिक्री का बिल मांगा था, जिसे अनिल ने जनवरी में जमा करा दिया था। इसी बीच दोनों अधिकारियों ने अनिल को कार्यालय बुलाया और फर्म के बिलों में गड़बड़ी बताकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
आरोप है कि 10 फरवरी को निरीक्षक विकास ने व्हाट्सएप कालिंग से रिश्वत मांगी। सीबीआई ने 11 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच की। इसके बाद जाल बिछाकर बुधवार शाम को सीजीएसटी मेरठ कार्यालय पर छापा मारा, लेकिन भनक लगते ही दोनों अधिकारी भाग गए और ड्राइवर सचिन के पास रिश्वत की पहली किश्त के एक लाख रुपये बरामद हुए।
दोनों के घरों से भी कैश बरामद
सीबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मेरठ में तैनात सीजीएसटी अधीक्षक आफताब सिंह और सीजीएसटी निरीक्षक विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके ड्राइवर सचिन कुमार को एक लाख रुपये की घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सीबीआई ने देर रात सीजीएसटी अधिकारियों के नौचंदी क्षेत्र के घरों पर छापा मारा। उनके घरों से कई संपत्तियों में निवेश से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। आफताब और विकास के घर से कैश भी बरामद हुआ है। दोनों की तलाश जारी है।