रामपुर थाना के पारसी नरहरपुर में शनिवार की शाम करीब छह बजे ही अभिषेक कुमार (26) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शव भूसा के कमरे में लटकता मिला। पिता पशुओं को खिलाने के लिए भूसा निकालने गए तो बेटे को लटकता देख अवाक रह गए। शव को नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष सुनील कुमार सरोज और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बीते 39 दिन में अलग अलग थाना क्षेत्रों में पांच युवाओं ने फंदा लगाकर आत्महत्या की। इससे पहले बीते 14 जुलाई की सुबह सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रकौली गांव अनीता यादव (36) ने कमरे में पंखे से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 15 वर्षीय बेटी और 11 वर्षीय बेटे को शक हुआ। दोनों ने जंगले से देखा तो उनकी मां फंदे से लटकी हुई थीं। बीते 11 जुलाई की शाम छह बजे मधुबन नगर पंचायत के वार्ड नंबर आठ में प्रदीप कुमार (20) ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वो अपने छोटे भाई गुलशन और अपनी मां के साथ रहकर मेहनत-मजदूरी का कार्य करता था। मोहल्ले के लोगों के अनुसार वो किसी लड़की से प्रेम करता था और फंदा लगाने से पहले उसी से फोन पर बात कर रहा था। बीते 05 जुलाई की सुबह मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी बाजार निवासी प्रियांशु गुप्ता (22) का शव उनके ही घर में मिला था। गले में रस्सी का फंदा था जो पंखे में बंधा था। परिजनों ने बताया था कि बेटे का किसी दुकानदार से पैसे के लेनदेन में और परिवार में कहासुनी हुई थी। बीते 10 जून की सुबह मधुबन थाना क्षेत्र के मनपरवा गांव लक्ष्मी सिंह (25) का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला था। उनकी एक तीन साल और एक डेढ़ साल की बेटी है।
कोट -
युवाओं में धैर्य की कमी, बढ़ते तनाव और छोटी असफलता या नाराजगी को सहन न कर पाने के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए पारिवारिक संवाद, माता-पिता की ओर से बच्चों की काउंसलिंग और सकारात्मक दृष्टिकोण का होना बेहद जरूरी है। दूसरा कारण टीवी सीरियल, फिल्म सहित इंटरनेट पर आत्महत्या करने के संबंध में विस्तार से दिखाया जाता है। इससे बच्चों पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगाए जाने की जरूरत है।
- डॉ. योगेेंद्र नाथ चौबे,
असिस्टेंट प्रोफेसर मनोविज्ञान