परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ अब उनके स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रार्थना के समय बच्चों को नियमित रूप से योग और शारीरिक व्यायाम कराया जाएगा। साथ ही बच्चों को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में पढ़ाई के साथ सह-शैक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। विद्यालयों में प्रार्थना के लिए 15 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद राष्ट्रगान कराया जाएगा। योग, ध्यान और राष्ट्रगान की फोटो व वीडियो भी रोजाना भेजनी होगी।
प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम की जानकारी देंगे। योगाभ्यास के दौरान बच्चों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति सहित विभिन्न योग क्रियाएं कराई जाएंगी। इसके अलावा दौड़, स्ट्रेचिंग और सामान्य व्यायाम भी कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार योग करने से बच्चों का मानसिक तनाव कम होता है और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। नियमित योगाभ्यास से बच्चे अनुशासन भी सीखेंगे।
नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर ने बताया कि प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम की जानकारी देंगे। बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।