नगर के सहादतपुरा स्थित चित्रगुप्ता मंदिर पर चित्रगुप्त पूजा में हवन में आहूति देते कायस्थबंधु
मऊ। नगर के सहादतपुरा स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर पर बृहस्पतिवार को चित्रगुप्त पूजा हुई। इसमें कलम दवात का पूजन किया गया। इस दौरान आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा मऊ के तत्वावधान में श्री चित्रगुप्त मंदिर परिसर में सुबह सफाई के बाद पूजन अर्चन शुरू हुआ। कायस्थ बंधुओं ने कलम-दवात का पूजन किया। इसके बाद हवन में मौजूद लोगों पूर्णाहुति दी। साथ ही चित्रगुप्त महाराज की आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। देर शाम शुरू हुए भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा मऊ के जिलाध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा कि सृष्टि के निर्माण के पश्चात मसि लेखनी के आविष्कारक एवं बौद्घिक कार्यों की प्रतिस्थापना करने वाले भगवान चित्रगुप्त समस्त बौद्धिक कार्यों के प्रथम प्रणेता भी हैं। संपूर्ण चराचर सृष्टि के रचयिता प्रजापिता ब्रह्मा के अंश कायस्थ देव भगवान चित्रगुप्तजी महाराज का पूजन कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया बृहस्पतिवार को किया गया। कायस्थ वंशज अपने कुलदेव के साथ ही अपनी आजीविका के साधन कलम-दवात की पूजा भी इसी दिन करते हैं। पूजन के दौरान हरिन्द्र लाल, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, सुबोध श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव रहे। रतनपुरा : क्षेत्र में भगवान चित्रगुप्त जी महाराज का पूजन हुआ। चित्रांश बंधुओं ने भगवान चित्रगुप्त के पूजन के साथ ही कलम एवं दवात का भी पूजन अर्चन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और आरती चित्रगुप्त मंदिर पर हुई। यहां गायत्री परिवार के लोगों ने हवन कराया। क्षेत्र के पीपर साथ, खालिसपुर, इटैली, भुडुसुरी, बिलौझा, मोहन सराय, बड़ा गांव, जमीनसहरुलाह चकरा भुवालपुर गांवों में भी भगवान चित्रगुप्त एवं कलम दवात की पूजा-अर्चना की गई। चित्रांश बंधुओं ने विश्व बंधुत्व एवं लोक कल्याण का आशीर्वाद मांगा।