चिरैयाकोट नगर क्षेत्र के वार्ड ताजपुर स्थित पीएचसी परिसर में लाखों रुपये की लागत से बना महिला प्रसव केंद्र 26 साल से बदहाल पड़ा है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सबसे अधिक परेशानी रात के समय गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान होती है।
आधी रात में प्रसव पीड़ा से परेशान महिलाओं को 15 किलोमीटर दूर रानीपुर सीएचसी, 30 किलोमीटर दूर आजमगढ़ या 20 किलोमीटर दूर पीजीआई, चक्रपानपुर (आजमगढ़) ले जाना पड़ता है। कई बार मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जो जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जोखिम भरा साबित होता है।
रात के समय एंबुलेंस या अन्य निजी साधन मिलना भी कई बार मुश्किल हो जाता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। वर्ष 2000 में बना यह भवन नगर पंचायत के यूसुफाबाद वार्ड में स्थित है।
क्षेत्र के सुरेंद्र यादव, सुरेश गुप्ता, कमलेश सिंह, अच्छेलाल यादव, बिनोद राम और बिनोद पांडेय ने पीएचसी में प्रसव सुविधा बहाल करने की मांग की है।
इस संबंध में चिरैयाकोट पीएचसी प्रभारी धर्मेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इस समस्या को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत के यूसुफाबाद वार्ड स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र पर एएनएम नीतू सिंह के माध्यम से जल्द ही प्रसव सेवा शुरू कराने की योजना है।