20 दिन में तीन बार मिला आश्वासन, कार्यवाही शून्य
प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय गोंड महासभा के नेतृत्व में छात्र छात्राएं 29 दिसंबर 2025 से अनिश्चित काल के लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। उसी दिन शाम 8 बजे उपजिलाधिकारी ने 31 दिसंबर 2025 से सर्वे शुरू करने का आश्वासन देकर समाप्त कराया था। पुन: 02 जनवरी से धरना प्रदर्शन और 06 जनवरी को आमरण अनशन पर बैठ गए।
सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने आश्वासन देकर भूख हड़ताल तोड़वाया था। फिर 13 जनवरी को शांतिपूर्ण तरीके से तहसील पर बैठ गए। 18 जनवरी को डीएम और एसपी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें 26 जनवरी तक जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन मिला था।