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UP: गोंड जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग...धरने पर बैठीं महिलाएं, तहसील में नहीं मिली अनुमति; जानें मामला

Fri, 30 Jan 2026 06:52 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

Mau News: मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। गोंड जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर परिसर में धरने की अनुमति नहीं मिली। इस पर नाराज महिलाएं सड़क किनारे धरने पर नारेबाजी करती रहीं। डीएम ने सर्वे कराकर 26 जनवरी तक प्रमाणपत्र जारी करने का आदेश दिया था।
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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बाहर प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: गोंड जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग लिए मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बाहर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना जारी रहा। तहसील परिसर में बैठने की अनुमति नहीं मिलने पर 100 से अधिक छात्र छात्राएं, महिलाएं और पुरुष मऊ-आजमगढ़ मार्ग के किनारे धरने पर बैठे हैं।

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उनकी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आधी सड़क पर बैरिकेडिंग कराई है, जिससे भारी वाहन किनारे से निकल जाएं और उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो। नाजुक स्थिति को देखते हुए सुबह से रात तक पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। महिलाओं और छात्राओं का आरोप है कि तहसील परिसर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद वहां बैठने की अनुमति नहीं दी गई। 

गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। इसके लिए कई बार तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक उनकी समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। 
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प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक वे किसी भी हाल में धरना समाप्त नहीं करेंगे। धरने में शामिल गोंड समाज के लोगों ने प्रशासन से शीघ्र समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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20 दिन में तीन बार मिला आश्वासन, कार्यवाही शून्य
प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय गोंड महासभा के नेतृत्व में छात्र छात्राएं 29 दिसंबर 2025 से अनिश्चित काल के लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। उसी दिन शाम 8 बजे उपजिलाधिकारी ने 31 दिसंबर 2025 से सर्वे शुरू करने का आश्वासन देकर समाप्त कराया था। पुन: 02 जनवरी से धरना प्रदर्शन और 06 जनवरी को आमरण अनशन पर बैठ गए। 

सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने आश्वासन देकर भूख हड़ताल तोड़वाया था। फिर 13 जनवरी को शांतिपूर्ण तरीके से तहसील पर बैठ गए। 18 जनवरी को डीएम और एसपी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें 26 जनवरी तक जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन मिला था।

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