अब सभी को सजग रहते हुए इस उपलब्धि को स्थायी बनाना होगा, जिससे मऊ की पहचान भय नहीं बल्कि विकास और विश्वास से बने। उन्होंने कहा कि पूर्व में शिक्षा का अवमूल्यन हुआ, जिसके कारण युवा पीढ़ी गलत रास्तों की ओर भटकती गई। वर्तमान सरकार बच्चों और युवाओं को अपराध के दलदल से निकालकर गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि अमिला में आकांक्षी नगर विकास योजना के अंतर्गत एक भव्य डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण हो चुका है, जहां बच्चे आधुनिक तकनीक के माध्यम से अध्ययन कर रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने नगर पालिका परिषद मऊ में बनने वाली डिजिटल लाइब्रेरी का नामकरण पंडित श्याम नारायण पांडेय के नाम पर करने की घोषणा की और कहा कि यदि पंडित श्याम नारायण पांडेय न होते, तो महाराणा प्रताप इतिहास में उतनी मजबूती से अमर न हो पाते।
इस दौरान अपने संबोधन में मंत्री ने बहुउद्देशीय भवन ‘मंगलम’ तथा गायघाट के सुंदरीकरण कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं मऊ को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाएंगी।
मऊ अब अराजकता या अपराध से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और समग्र विकास के लिए जाना जाएगा।कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सगुना सिंह, अभिमन्यु मल्ल, श्यामसुंदर मिश्र, हरगोविंद राय, रघुवर कुर्मी, अब्दुल लतीफ नोमानी, राजकिशोर गुप्ता, शारदानंद वर्मा, रामविलास पांडेय, बाबू उमराव सिंह सहित अन्य सेनानियों के परिजनों को मंत्री एके शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम जी उपाध्याय ने की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, ऋषिकेश राय, अतुल राय, धनंजय सिंह, देव प्रकाश राय, सुजीत सिंह, हौसला प्रसाद उपाध्याय, शारदानंद, अमरेश पांडेय, रामाश्रय राय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।