विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को भगवान मानव कल्याण समिति की महिला कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत जागरूकता रैली निकालकर महिलाओं को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया। रैली गाँव की मुख्य सड़कों से गुजरी, जहां नारी संघ की महिलाओं ने मानवाधिकारों से जुड़े नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूनम सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब समाज जागरूक और संगठित हो। उन्होंने सभी को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। फरीदा ने महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और निर्णय लेने के अधिकार पर सरल भाषा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों को समझने और उन्हें आगे बढ़ाने का आग्रह किया। वहीं रमेश ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल सरकार या किसी संस्था की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और सम्मान की भावना को मजबूत बनाना था। अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानवाधिकारों की रक्षा और जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान पूजा, सुधा सिंह, अंजलि, गीता, सीता, रीता आदि मौजूद रहीं।