पुराना जिला अस्पताल भवन में स्थापित पीपी सेंटर पर सोमवार को नसबंदी कराने आई महिलाओं को आपरेशन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सिर्फ एक डाक्टर के भरोसे आपरेशन कराए जाने से महिलाएं शाम तक बैठी रह गईं।
अस्पताल में केवल एक ही महिला डाक्टर होने की वजह से इलाज कराने आईं अन्य महिला मरीजों को बिना परामर्श ही लौटना पड़ा।
पीपी सेंटर में केवल 12 बेड हैं। नसबंदी कराने के बाद इन बिस्तरों पर आराम करने के लिए महिलाओं को लेटाया जाता है, एक ही दिन विभिन्न पीएचसी और सीएचसी से 120 महिलाओं को नसबंदी के लिए यहां भेजा गया।
एक बार में केवल दस महिलाओं को अंदर भेजा जाता रहा। इसके बाद उन्हें आराम क रने के लिए बिस्तरों पर लेटाया जाता। उनकी नसबंदी हो जाने के बाद अगली बार फिर दस महिलाओं को अंदर भेजा जाता रहा।
नसबंदी के लिए महिला अस्पताल की लेडी डाक्टर माधुरी सिंह इकलौती डाक्टर हैं। महिलाओं की भीड़ को देखते हुए डा. माधुरी सिंह को एक बजे से पहले ही पीपी सेंटर भेज दिया गया।
महिला अस्पताल में इलाज कराने वाली दर्जनों महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। उधर, पीपी सेंटर के बाहर महिलाओं को अपनी बारी का इंतजार करने में कई घंटे लग गए।
हालांकि जिला अस्पताल में कार्यरत सर्जन डा. बीबी सिंह को चार बजे से बुलाया गया फिर भी दूर दराज से आने वाली दर्जन भर से अधिक महिलाएं बिना नसबंदी कराए ही वापस लौट गईं।