अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। मामला सीजेएम एमपी/ एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। साक्षी इरशाद अहमद कोर्ट में उपस्थित हुआ, लेकिन पक्षद्रोही हो गया। उसने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया।सीजेएम ने शेष साक्ष्य के लिए सुनवाई की अगली तिथि 7 जून तय कर दी है।
गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में आरोपी मुख्तार अंसारी की बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। वह बांदा जेल से बंद है। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने सुनवाई के बाद एक मामले में साक्ष्य के लिए 7 जून और दूसरे मामले में 14 जून की तिथि तय की है। दोनों मामले दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के हैं। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला संदीप सिंह की तहरीर पर राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले को आधार बनाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी।
इसमें मुख्तार अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया था। मामला साक्ष्य में चल रहा है। बुधवार को एफआईआर लेखक हेड कांस्टेबल मुन्नालाल शर्मा का बयान हुआ। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिरह किया। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए ने मामले में साक्ष्य के लिए सुनवाई की अगली तिथि 7 जून तय की है।
इसी तरह एक अन्य मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला डीके चौधरी की तहरीर पर असलहा के मामले में पैरवी करने को लेकर एफआईआर कराई गई। इसे आधार बनाकर मुख्तार अंसारी सहित चार लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट दाखिल कर दिया। मामले में साक्ष्य की कार्रवाई होनी है। लेकिन कोई साक्षी उपस्थित नहीं हुआ। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए ने मामले में साक्ष्य के लिए 14 जून की तिथि तय की।