मऊ। हमारी शादी पारंपरिक तरीके से हुई है, लेकिन उसके बाद भी हमारे बीच पति पत्नी का रिश्ता जैसी कोई बात नहीं है। पति नोएडा में इंजीनियर है, अच्छा कमाता है, लेकिन मेरा भरण पोषण करने के लिए जब मैं खर्च मांगती हूं तो असमर्थता जताता है। यह गुहार रविवार को एक महिला ने पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श के सदस्यों के समक्ष शिकायत करते हुए कही। वहीं मौजूद पति का भी पक्ष सदस्यों ने सुना। जिसके बाद परामर्श के सदस्यों ने पति को दो महीने का वक्त दिया है जिसमें वो अपनी पत्नी को न केवल अपने साथ रखेगा, बल्कि उसे हक भी देगा। न देने की स्थिति में इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाने की चेतावनी सदस्यों ने दी।
इससे पहले चार घंटे तक चली इस बैठक में 34 मामले आए, इसमें 12 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं दो दंतपी जिनके बीच लंबे समय से विवाद था, उन्होंने आपसी सहमती जताते हुए गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि दो मामलों में एफआईआर का निर्णय लिया गया तो आठ मामलों में प्रार्थी पक्ष की अनुपस्थिति अथवा दोनों पक्ष द्वारा अदालत में चल रहे मुकदमे के कारण बंद किया गया। इस मौके पर परिवार परामर्श के सदस्यों में अर्चना उपाध्याय,सर्वेश दूबे,मौलवी अरशद, शाहिद पेरिस शामिल रहे।