परिवार परामर्श की बैठक में घरेलू मामलों का निस्तारण करते सदस्य
मऊ। मेरी पत्नी बेहद गुस्से वाली है, माता-पिता के समझाने पर वह नाराज हो जाती है। हर बात पर वह लड़ने को तैयार रहती है, शादी के बाद से ही घर का माहौल बेहद खराब हो गया है। अब उसके साथ रहना मंजूर नहीं है।
यह बात रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में एक युवक ने कही। युवक ने सदस्यों को बताया कि वह चाहता है कि वह अपने माता पिता के साथ रहे लेकिन पत्नी बिल्कुल तैयार नहीं है। पत्नी मुंबई में रह रही है। बताया कि वह कई बार अकेली बिना बताए दोस्त के घर चली जाती है, अकेली घूमने चली जाती है। जब इस बारे में सवाल करता हूं तो झगड़े पर उतारू हो जाती है। परिवार परामर्श ब्यूरो के सदस्यों ने दंपती को एक महीने का समय दिया।
इसी तरह से एक युवक ने पत्नी के मायके वालों की बात सुनकर विवाद करने का आरोप लगाया। बताया कि घर की हर बात वह अपने मायके को बताती है, जहां उसके मायके वाले उसे गलत राय देकर घर में विवाद कराते हैं। इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 75 मामले आए, इसमें 30 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान सकारात्मक बात देखने को मिली कि इस वर्ष में अब तक रिकॉर्ड एक ही दिन में काफी समय से दूर रह रहे आठ दंपतियों ने गिले शिकवे को भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि सदस्यों ने दोनों पक्षों की उदासीनता के चलते 20 फाइलों को बंद कर दिया, 45 मामलों में अगली सुनवाई तय की गई। निस्तारण में पदाधिकारी अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दुबे, शहिद पैरिस, मौलवी अरशद रहे साथ में एसआई समरजीत यादव, महिला आरक्षी पूनम पाल, राजलक्ष्मी का भी सहयोग रहा।