सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर गांव में मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर पांच नामजद और चार अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। वहीं बीच एक पक्ष से दलित युवक से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया।
एक पक्ष के दलित युवक के पिता स्वारथ शहर कोतवाली क्षेत्र के परदहां निवासी ने पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि ताजोपुर फातिमा स्कूल के पास सिलाई की दुकान है। पांच सितंबर की रात नौ बजे के अपनी दुकान बंद करके घर चला गया। कुछ देर बाद एक ग्राहक का सिला हुआ कपड़ा भूल गया जिसको लेने के लिए अपने पुत्र दीपांकर को दुकान पर भेजा। रात 12 बजे तक जब लड़का घर वापस नहीं आया तो अपने छोटे लड़के शिवशंक को अपने साथ लेकर दुकान पर जा रहा था कि ताजोपुर टोला मोहल्ला पहुंचा तो अपने लड़के की चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचा। वहां योगेंद्र राजभर और चन्दन राजभर, राजेश राजभर उसका भाई अज्ञात के साथ दो अज्ञात व्यक्ति निवासी ताजोपुर दीपांकर के हाथ पैर रस्सी से बांधकर डंडे से पीट रहे थे। बिजली के तार सटाकर जबरदस्ती जुर्म स्वीकार करा रहे हैं एक व्यक्ति मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
दूसरे पक्ष से पीड़ित लड़की ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पांच सितंबर की देर रात 11 बजे के पेट खराब होने पर घर के पास के खेत में शौच के लिए गई थी तभी तीन युवक मुह ढककर आए और मुझे पकड़कर खींचने लगे। मैंने शोर मचाया जिसपर आसपास के युवक दौड़कर आए। उनमें से एक युवक दीपांकर निवासी परदहा को दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी पिटाई की घटना की सूचना मिलते दीपांकर के पिता आ गया और पूरे गांव के सामने हाथ पांव जोड़ने लगा और इज्जत की दुहाई देकर पुलिस में खबर नहीं करने की बात कही। जिसपर गांव के लोग के कहने पर युवक को छोड़ दिया गया, इसका फायदा उठाकर दूसरे दिन उसका पिता मेरे घर आया और 50 हजार रुपये की मांग करने लगा, नहीं देने पर एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने लगा।