मऊ। जिले के विभिन्न इलाकों में बनाए गए गेहूं क्रय केंद्रों से समय से उठान न होने से कई केंद्रों पर गेहूं डंप पड़ा है। कई क्रय केंद्रों पर बाहर रखे बोरों से भरे गेहूं को विभाग की तरफ से तिरपाल से ढका नजर आया। वहीं कई क्रय केंद्रों का गोदाम जर्जर हाल में है। इससे हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकने लगता है। इसके बावजूद क्रय केंद्र बना दिया गया है। तेज बारिश होने की स्थिति में गेहूं भीगने की संभावना प्रबल हो गई है। विभागीय अधिकारी किसानों का रखा गेहूं बताकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 48 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं क्रय केंद्रों से समय से उठान न होने से पीसीएफ के कई केंद्रों पर गेहूं डंप पड़ा है। इससे जहां खरीद न होने से किसान परेशान हैं। वहीं गोदामों में जगह न होने से कई क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं क्रय केंद्रों के बाहर ही रखा पड़ा है। हालांकि क्रय केंद्र प्रभारियों ने बाहर पड़े गेंहू को तिरपाल से ढ़क दिया गया है। इसके चलते हल्की बरसात से गेंहू बर्बाद नहीं हुआ, लेकिन यदि तेज बरसात होती तो कई मीट्रिक टन गेंहू बर्बाद हो जाता।
रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के खुरहट डीसीएफ, रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के छिछोर क्रय केंद्र सहित कई क्रय केंद्रों केे बाहर किसानों से खरीदे गए गेहूं बोरों की छल्ली लगाकर तिरपाल से ढक कर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार क्रय केंद्रों के बाहर रखा गया गेहूं किसानों का है। खरीद न हो पाने की स्थिति में रखे हैं।
इस बाबत एआर विवेक कौशल का कहना है कि मौसम को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान करा लिया गया है। साधन सहकारी समितियों के सचिव की रिपोर्ट के आधार पर ही क्रय केंद्र बनाए गए हैं।सभी क्रय केंद्र का भवन बेहतर स्थिति में है। कई क्रय केंद्रों के बाहर रखा गया गेहूं किसानों का है। एआर के अनुसार बरसात के दौरान किसी भी क्रय केंद्र पर गेंहू नहीं भिगा है।