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मांगों को लेकर बुनकरों ने तेज किया आंदोलन

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मऊ। वर्तमान सरकार की बुनकर विरोधी नीतियों को लेकर मऊ नागरिक मंच के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के आह्वान पर जनपद मऊ में बंदी रही। इस बंदी के समर्थन में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल जिला व्यापार मंडल और अनेकों व्यापारी संगठनों ने समर्थन दिया । जिसके चलते शहर में साड़ी की दुकानें एवं इससे जुड़े तमाम कारोबार जैसे चरखा, एंब्रॉयडरी ,सांचा, जरी मशीन, मुररी कैलेंडर, रंगाई आदि बंद रहे। लेकिन इसके विपरीत शहर में बुनकरों ने अपनी लूमों की मशीनों को बंद नहीं किया।
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इसका कारण रहा कि मऊ शहर में बुनकर फोरम के नाम से आठ व्यक्ति अपने को प्रदेश अध्यक्ष बता रहे हैं। उन प्रदेश अध्यक्षों का आपस में सामंजस्य ना होना मूल कारण माना जा रहा। आपसी विवाद के चलते और राजनीतिक रोटियां सेंकने के चलते बुनकरों का बंदरबांट किया गया। जिससे इस बंदी का जो फायदा बुनकरों को मिलना चाहिए था वह मिलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
बंदी के दौरान मऊ नागरिक मंच के संयोजक अरविंद मूर्ति, मौलवी एकबाल मोहम्मदी, जावेद यार्न, इफ्तेखार आलम, जमाल अख्तर अर्पण सईदुर रहमान पहलवान, ओबादा हरीस राजपूत, सभासद फखरे आलम,जामल अख्तर (नदीम), कासिम सामाजिक, बिलाल अर्पण, इम्तेयाज नोमानी आदि ने शहर में कई मार्केट और बाजार में जाकर बुनाई से जुड़े दुकानदारों को समर्थन करने के लिए अपनी दुकानों को बंद करने का आह्वाहन किया।
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सीएम को संबोधित मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
मुहम्मदाबाद गोहना । प्रदेश सरकार की तरफ से बुनकरों के बिजली बिल के फ्लैट को समाप्त करने के विरोध में बुनकर यूनियन सड़क पर उतरा। यूनियन के नेताओं ने इसे बुनकरों के साथ धोखा बताया। मंगलवार को बुनकर यूनियन की मुहम्मदाबाद गोहना इकाई ने अध्यक्ष महमुदुल हसन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बुनकरों की समस्या का निराकरण करने की मांग किया। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से ऐनुल मुज्जफर, जावेद भारती, खालिद कमाल, फजले अहमद, जफ़र इकबाल, महफूजुर्रह्मान,इजहारुलहक़, आदि शामिल रहे।
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