दुबारी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के दावों की पोल बारिश से खुलती नजर आ रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर में हुई तीस मिनट की बारिश के बाद जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत दुबारी तालाब के रूप में नजर आई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दस साल से यहां जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या है, वहीं इस संबंध में बीडीओ का दावा है कि जलनिकासी सहित दूसरे कार्य हुए हैं।
बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति में दुबारी कस्बे में संचालित चार सरकारी और तीन निजी स्कूलों के सैकड़ों छात्र पानी के बीच से घर जाने को मजबूर हुए। वहीं, इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन चालकों के लिए भी यह परेशानी का सबब बना रहा।
मधुबन तहसील की दुबारी ग्राम पंचायत 16 से अधिक पुरवों में विभाजित बड़ी ग्राम पंचायत है। इसे नगर पंचायत बनाने की मांग भी सालों से चली आ रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े 11 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन परेशानी का सबब भी यह बारिश बन गई।
तीस मिनट की बारिश से दुबारी के मुख्य बाजार से शिवमंदिर तक जलजमाव हो गया। सड़क पर छह इंच तक जलभराव हो गया। यही स्थिति पंचायत के पुरवा पंचईपट्टी जाने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया।
प्रतिक्रिया-
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। हर साल विकास के नाम पर बड़ी राशि खर्च होती है, लेकिन बारिश होते ही यह विकास जलभराव के रूप में सामने आ जाता है। -मुन्ना सिंह
दस वर्ष पहले भी दुबारी कस्बे में जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या थी, आज भी यह समस्या ही मुख्य है। हर साल बारिश से पहले बड़े दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में यह दावे कागजी होते हैं। -रवि सिंह
बारिश होते ही दुबारी में जलभराव सबसे बड़ी दिक्कत बनकर उभरती है। इससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। -राकेश सिंह
जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। थोड़ी सी बारिश में भी सड़क तालाब बन जाती है। सालों से लोगों की मांग शीघ्र नाला निर्माण व जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की है। -चंदन सिंह
कोट-
दुबारी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। विकास कार्य को लेकर प्राथमिकता है। जलनिकासी पर यहां कई काम हुए हैं। वह जिला मुख्यालय पर थे, ऐसे में बारिश से जलभराव होने की समस्या से वह अंजान थे। इस संबंध में वह इस समस्या का निराकरण कराते हैं।
-अनिल मौर्य, बीडीओ फतेहपुर मंडाव ब्लॉक