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Mau News: जालसाजी कर फर्जी बैनामा कराने के मामले में दो को चार-चार साल की सजा

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने जालसाजी कर दूसरे के नाम की भूमि का बैनामा करने के मामले में नामजद चार लोगों में सुनवाई के बाद दो को दोषी पाया।
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दोनों को चार-चार वर्ष की सजा के साथ ही कुल 15-15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, दो आरोपियों की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा रानीपुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव निवासी हाल मुकाम लखनऊ के चिनहट गोबिंद बिहार निवासी खड़ग बहादुर सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।
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वादी का कथन था कि उसकी तहसील सदर के मौजा जगदीशपुर में जमीन थी। उसकी जमीन को उसके स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा करके हलधरपुर थाना क्षेत्र के मानिकपुर गहनी निवासी अन्नपूर्णा देवी पत्नी धर्मू चौहान के नाम जालसाजी कर फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया गया।
तथा तहसील सदर से नामांतरण की कार्रवाई भी करा ली गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर हलधरपुर थाना क्षेत्र के मऊकुबेर निवासी रामदरश यादव, मानिकपुर गांव निवासी अवधेश राजभर, अरदौना खालिसपुर निवासी कन्हैया पांडेय, मऊकुबेर निवासी रामानंद चौहान के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने पांच गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामदरश यादव और अवधेश राजभर को जालसाजी कर फर्जी बैनामा कराने के मामले में दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को (धारा 419 भादवि) छल के मामले में 1-1 वर्ष की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। (धारा 420 भादवि) संपत्ति परिदत्त करने के लिए बेईमानी से उत्प्रेरित करने के मामले में 4-4 वर्ष की सजा के साथ ही 4-4 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
(धारा 467 भादवि) कूटरचना के मामले में 4-4 वर्ष की सजा के साथ 5-5 हजार रुपये अर्थदंड, (धारा 468 भादवि) छल के प्रयोजन से कूटरचना करने के मामले में 3-3 वर्ष की सजा के साथ ही 3-3 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
वहीं, (धारा 471 भादवि) कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप में प्रयोग करने के मामले में 1-1 वर्ष की सजा के साथ ही 1-1 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपीगण रामानंद और कन्हैया पांडेय की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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