5.66 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी मधुबन तहसील के धर्मपुर विशुनपुर गांव के लोग इस बार सरयू के कटान से बच पाएंगे या नहीं, इसे लेकर चिंता बनी हुई है।
जलस्तर अभी खतरा बिंदु से 1.10 मीटर नीचे है, लेकिन इससे पहले ही 500 मीटर में से करीब 10 मीटर तक बोल्डर खिसककर बह गए हैं। ग्रामीणों ने उस स्थान पर कटान रोकने के लिए हरे पेड़ों की टहनियां काटकर रखी हैं। इसके बावजूद जमीन अंदर से खिसक रही है।
बीते साल सितंबर माह के 10 दिन में धर्मपुर विशुनपुर नई बस्ती निवासी घनश्याम, नंदू, राधेश्याम, रामदुलारे, सोनू, टुनटुन, रामशब्द, रामछबीला, शंकर दयाल, रामू, अर्जुन सहित 13 लोगों के घर नदी में विलीन हो गए थे। इससे गांव की नई बस्ती पुरवा का अस्तित्व मिट गया है।
वर्ष 2019 से 2023 तक कटान से लगभग 300 परिवार बेघर हो चुके हैं। इन्हें कई अलग-अलग जगहों पर जमीन आवंटित कर बसाया गया है। अब तक लगभग 200 बीघा कृषि उपयोगी भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
69.90 मीटर पर सरयू नदी का खतरा बिंदु है। बुधवार दोपहर 12 बजे तक दोहरीघाट मुक्तिधाम पर जलस्तर 68.80 मीटर था। एक दिन पहले मंगलवार को 45 सेंटीमीटर की वृद्धि के बाद जलस्तर 68.30 मीटर और सोमवार को जलस्तर 67.85 मीटर था। लगातार जलस्तर बढ़ने से धर्मपुर विशुनपुर के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
नई बस्ती में 5 करोड़ 66 लाख 16 हजार रुपये से कटानरोधी कार्य कराए गए हैं। वर्ष 2025 में इस जगह सरयू नदी ने लगभग तीन किलोमीटर लंबाई और करीब 125 मीटर चौड़ाई में दाएं तट की ओर तेज कटान किया था। इससे नदी का प्रवाह आबादी की ओर बढ़ता जा रहा है।
दो गांवों की लगभग 8,400 आबादी को सुरक्षा देने और लगभग 1,275 हेक्टेयर क्षेत्र को कटान के खतरे से सुरक्षित करने के लिए ये ठोकर बनाए गए थे। लेकिन जलस्तर के पहले झटके में ही इसके बोल्डर खिसककर बह गए हैं।
ग्रामीणों ने बताई पीड़ा
कटान लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हुई थी। स्थिति गंभीर होने पर ग्रामीणों ने स्वयं हरे पेड़ों की कटाई कर अस्थायी रूप से कटान रोकने का प्रयास किया। लेकिन इसके बावजूद नदी का दबाव कम नहीं हुआ। -रामभवन यादव, धर्मपुर विशुनपुर
पत्थर खिसकने के बाद वर्तमान में जमीन के भीतर से कटान जारी है और नदी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है। यदि शीघ्र प्रभावी बचाव कार्य नहीं कराया गया तो इस बार बचे अधिकांश घर नदी में समा जाएंगे। -राहुल यादव, धर्मपुर विशुनपुर
कटानरोधी कार्य के नाम पर गुणवत्ता खराब करके देवारा के लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है। धर्मपुर विशुनपुर में 500 मीटर तक ठोकर बनाया गया है। लेकिन बिंटोलिया में गुणवत्ता अलग और नई बस्ती के पास गुणवत्ता अलग है। -जंगबहादुर, धर्मपुर विशुनपुर
नई बस्ती के 100 घरों में से मात्र 20 फीसदी ही बचे हैं। जलस्तर से 100 मीटर दूरी पर आबादी है। सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया ठोकर इसी तरह टूटता रहा तो दर्जनों घर बह जाएंगे। -बलिराम, धर्मपुर विशुनपुर
लगातार की जा रही मॉनीटरिंग, कराई जाएगी मरम्मत
नदी का जलस्तर ऊपर-नीचे होने से कुछ जगहों पर मिट्टी खिसकने के कारण ठोकर पर प्रभाव पड़ सकता है। विभाग के इंजीनियर लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। त्वरित राहत के लिए उस स्थान पर हरे पेड़ रखे गए हैं। यदि ठोकर टूटा है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। - संजय मात्रे, प्रभारी अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
आंकड़े एक नजर
खतरा बिंदु : 69.90 मीटर
वर्तमान जलस्तर : 68.80 मीटर
कटानरोधी कार्य : 5.66 करोड़ रुपये
ठोकर लंबाई : 500 मीटर
प्रभावित आबादी : 8,400
सुरक्षित किया जाने वाला क्षेत्र : 1,275 हेक्टेयर
पिछले साल विलीन घर : 13
कटान का सफर
वर्ष 2019 से 2023 : लगभग 300 परिवार बेघर
सितंबर 2025 : 10 दिन में 13 घर नदी में विलीन
वर्ष 2025 : करीब 125 मीटर चौड़ाई में कटान
वर्तमान : जलस्तर खतरा बिंदु से 1.10 मीटर नीचे, फिर भी कटान शुरू
धर्मपुर विशुनपुर के नई बस्ती में ठोकर खिसकने के बाद काटकर रखी गई हरे पेड़ की टहनियां। संवाद