घोसी नगर पंचायत में कागजों पर वाटर कूलर के माध्यम से राहगीरों को गर्मी के इस मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन हकीकत में अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं।
ऐसे में राहगीर घड़ों के जल प्याऊ के भरोसे हैं। नगर पंचायत की ओर से सात-सात लाख रुपये की लागत से लगाए गए छह नए वाटर कूलर लगने के कुछ ही दिनों बाद बंद हो गए। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र मद्धेशिया जीतू, मंडल महामंत्री एवं अधिवक्ता अतुल शर्मा, उद्देश्य पांडेय, ब्रजेश पांडेय, विपुल राय, बेचन निषाद, उमाशंकर उपाध्याय और अरविंद सिंह सहित अन्य नागरिकों का कहना है कि जब लाखों रुपये खर्च कर मशीनें लगाई गईं, तो फिर घड़ों के भरोसे पेयजल व्यवस्था क्यों चलाई जा रही है।
वर्तमान समय में केवल सपा कार्यालय के पास स्थित एकमात्र वाटर कूलर किसी तरह संचालित हो रहा है, जबकि तहसील, पट्टी मुहम्मद उर्फ काजीपुरा समेत कई स्थानों पर लगे कूलर नाममात्र का पानी दे पा रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर मशीनें पूरी तरह बंद पड़ी हैं।
इतना ही नहीं, नगर पंचायत कार्यालय एवं बस स्टेशन पर वाटर कूलर लगे होने के बावजूद घड़ों में पानी भरकर जल प्याऊ चलाए जाने को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा है।
घोसी नगर में बस स्टेशन, तहसील, कोतवाली, रेलवे स्टेशन, सीताकुंड, मझवारा मोड़, ब्लॉक परिसर, एलआईसी कार्यालय, कादीपुर, करीमुद्दीनपुर समेत विभिन्न स्थानों पर कुल 27 वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन अधिकांश वर्षों से खराब पड़े हैं। कई स्थानों पर फ्रीजर, मोटर, स्टेबलाइजर और बिजली बोर्ड तक गायब हो चुके हैं।
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पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं लोग
घोसी तहसील परिसर में प्रतिदिन हजारों लोग अपने कार्य से पहुंचते हैं, लेकिन पेयजल व्यवस्था ठप होने से लोगों को महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। कोतवाली परिसर का वाटर कूलर भी लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है।
कोट
यह लापरवाही है। गर्मी से पहले वाटर कूलर को ठीक कराने की जिम्मेदारी क्यों पूरी नहीं की गई, इसकी जानकारी नगर पंचायत के जिम्मेदारों से ली जाएगी। -अशोक कुमार सिंह, एसडीएम, घोसी