मऊ। मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट डॉ. केपी सिंह ने अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के मानहानि के मामले में आरोपी पुलिस उपाधीक्षक बांदा राजीव प्रताप सिंह के कोर्ट में उपस्थित न होने पर वारंट जारी कर हाजिरी के लिए 16 जून की तिथि नियत की है। पुलिस अधीक्षक मऊ और बांदा को पत्र भेजकर उन्हें नियत तिथि पर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। बहरीपुर गांव निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। इसमें पुलिस उपाधीक्षक राजीव प्रताप सिंह को आरोपी बनाया गया था। पीड़ित का कहना है कि वह सिविल कोर्ट मऊ में विधि व्यवसाय करते हैं। आरोपी राजीव प्रताप सिंह ने 1 मई 2023 को दिन में 12:30 बजे पुलिस कार्यालय के पास की फर्जी घटना दिखाकर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई।
राजीव प्रताप सिंह ने परिवादी को ठेकेदार होना लिखा है और समझौता के लिए 5 लाख रुपये की मांग की। उल्लेख किया कि परिवादी मुख्तार अंसारी का आदमी है, उसके नाम पर गलत काम करता है। सुनवाई के बाद सीजेएम ने पुलिस उपाधीक्षक राजीव प्रताप सिंह को तलब किया था। कोर्ट में उपस्थित न होने पर राजीव प्रताप सिंह के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया गया था, बावजूद इसके वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए।