जिले के परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र में स्पोर्ट्स ग्रांट के लिए अभी कई माह तक इंतजार करना पड़ सकता है।
पिछले सत्र में अप्रैल माह में ही विभाग को ग्रांट मिल गया था, लेकिन इस बार विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश घोषित हो गया और अभी तक किसी स्कूल को स्पोर्ट्स ग्रांट नहीं मिल सका।
जिले में 757 प्राथमिक, 159 उच्च प्राथमिक और 292 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ें और खेलों के प्रति उनकी रुचि बढ़े, इसके लिए स्पोर्ट्स ग्रांट की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों को पांच हजार रुपये, जबकि उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों को 10 हजार रुपये दिए जाते हैं।
विभाग की तरफ से जारी बजट से विद्यालयों में खेलकूद सामग्री खरीदी जाती है। विभाग की ओर से स्कूल स्तर, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, मंडल स्तर और राज्यस्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
गत वर्ष यह बजट सभी विद्यालयों को समय से मिल गया था। इस वजह से दिसंबर माह तक जनपद स्तर तक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं कराई जा सकीं।
शिक्षकों की मानें तो बेसिक शिक्षा परिषद के स्पोर्ट्स ग्रांट से खेलकूद गतिविधियों का संचालन बेहतर तरीके से होता है। इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित हो गया, लेकिन अभी तक स्पोर्ट्स ग्रांट जारी नहीं हो सका है।
इस बाबत वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक एनके द्विवेदी ने बताया कि शासन से स्पोर्ट्स ग्रांट जारी होते ही सभी परिषदीय विद्यालयों की विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में राशि भेज दी जाएगी।