यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए अपलोड किए गए 450 परीक्षा केंद्रों के भौतिक संसाधनों के आनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सत्यापन में मात्र दो विद्यालयों में ही वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरा होना पाया गया है। फरवरी में होने वाली बोर्ड परीक्षा में 106685 परीक्षार्थी शामिल होंगे। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने 20 सितंबर तक आपत्ति मांगी है।
शासन की तरफ से 2019 की यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए 42 बिंदु निर्धारित किए हैं। इसके तहत प्रत्येक कक्ष में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कही गई है। ताकि कहीं भी बोलकर नकल की बात सामने आ सके। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए पांच सितंबर तक अपलोड किए गए परीक्षा केंद्रों के भौतिक संसाधनों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
सत्यापन में मात्र दो केंद्रों पर ही वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरा मिला। ऐसे में अब मंडलीय संयुक्त निदेशक ने इस बारे में 20 सितंबर तक विद्यालयों से आपत्ति मांगी है। ताकि उसके बाद केंद्रों की सूची को अंतिम रूप दिया जाए।
फरवरी माह में होने वाली बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में बालक 30700 तथा 26178 तथा इंटरमीडिएट में बालक 25957 तथा बालिका 23850 सहित 106685 परीक्षार्थी शामिल होंगे।जबकि वर्ष 2018 में हाईस्कूल में 69100 तथा इंटर मेें 50756 पंजीकृत किए गए थे।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक केसी भारती ने बताया कि अपलोड किए गए परीक्षा केंद्रों के भौतिक संसाधनों के आनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने 20 सितंबर तक आपत्ति मांगा है। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण बोर्ड को करना है।
कैमरे के मामले में जारी हो गाइडलाइन
मऊ। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में बोर्ड की तरफ से प्रतिवर्ष नए आदेश जारी होने से कालेज के प्रधानाचार्य तथा प्रबंधक परेशान हैं। वर्ष वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरा लगवाने का आदेश जारी किया गया था। अब वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरा लगाने का फरमान जारी किया गया है।
इस संबंध में बालक बालिका इंटर कालेज रामवन कुटी काझा के प्रबंधक हरिहर सिंह का कहना था कि लगभग 80 लाख की लागत से सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया था। अब इस बार पुराने सीसीटीवी कैमरा में वायस रिकार्डर इंस्टाल नहीं हो पा रहा है।
इस वर्ष वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरा के बारे में गाइडलाइन जारी ही नहीं किया गया है। तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मजहर अली का कहना है कि वायस रिकार्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश तो दिया गया है, लेकिन कैमरा कितने मेगा पिक्सल का होगा इसका जिक्र नहीं है। पिछले साल सीसीटीवी कैमरा पर लगभग एक लाख रुपया खर्च पड़ा। नए आदेश से सभी कैमरों को बदलना पड़ेगा। ऐसे में बजट की समस्या आ रही है।