जिले के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विजलेंस जांच का आदेश दिया है। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कागजात विजिलेंस को उपलब्ध कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र जारी किया है।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन के निर्देश पर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1981 से वर्ष 2020 तक भर्ती मामले में अयोध्या से शुरू हुई जांच का दायरा बढ़ने के बाद विजिलेंस की जांच के दायरे में जिले के माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी आ गए हैं। जिले में वर्तमान वर्ष से चार दशक पूर्व के कार्यकाल में नियुक्त शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के संबंध में पत्रावली जुटाने और एक-एक स्कूल को सूचीबद्ध करने के लिए विभाग ने आदेश जारी किया है। आजमगढ़ से अलग होकर 1988 में मऊ जनपद वजूद में आया था। ऐसे में कई कागजात जनपद के सृजन से पहले पत्रावलियों को जुटाने के लिए जद्दोजहद चल रही है। अधिकारियों की मानें तो जिला स्तर पर इतने पुराने दस्तावेज एकत्र करने और उपलब्ध कराने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं काफी शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कई का निधन भी हो चुका है। नियम के तहत शिक्षकों, कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के चार वर्ष तक ही किसी तरह की कार्रवाई ही हो पाती है। अभी हाल ही में जिले में सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 50 से अधिक फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उजागर हुआ था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच में प्रथम दृष्टया 22 लोगों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया था। जांच पड़ताल चल रही है।
माध्यमिक विद्यालयों में 1981 से 2020 तक शिक्षकों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की विजिलेंस जांच के मामले में पत्रावलियां उपलब्ध कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र जारी किया गया है।-दिनेश सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल