मऊ। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से वीर साहेबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह के मातृभूमि के लिए किए गए बलिदान को ध्यान में रखते हुए वीर बाल दिवस मद्धेशिया धर्मशाला के सभागार में मनाया गया। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी रमेश सिंह ने कहा कि वीर बाल दिवस के रूप में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
वीर बाल दिवस भारतीयता की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने के संकल्प का प्रतीक है। ये दिन याद दिलाता है कि शौर्य की पाराकाष्ठा के सामने कम आयु मायने नहीं रखती। कहा कि वीर साहिबजादों से पूरा देश प्रेरणा ले रहा है। जब अन्याय और अत्याचार का घोर अंधकार था, तब भी निराशा को पल भर के लिए भी हावी नहीं होने दिया। हम भारतीयों ने स्वाभिमान के साथ अत्याचारियों का सामना किया।
हर आयु के हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपने लिए जीने के बजाय इस मिट्टी के लिए मरने का संकल्प लिया। जब तक हमने अपनी विरासत का सम्मान नहीं किया तब तक दुनिया ने भी हमारी विरासत को भाव नहीं दिया। आज जब हम अपनी विरासत पर गर्व करना शुरू किया है तब दुनिया का नजरिया भी बदला है।
भाजपा जिलाध्यक्ष नूपुर अग्रवाल ने कहा कि भारत का युवा किसी भी क्षेत्र में, किसी भी समाज में पैदा हुआ हो, उसके सपने असीम हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए सरकार के पास स्पष्ट रोड मैप है। भारत युवाओं का देश है और यह हमारी बड़ी ताकत है।वीर बाल दिवस गुरु गोबिंद सिंह के बेटों की शहादत की याद में मनाया जाता है। पिछले साल नौ जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की थी कि 26 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर भरतलाल राही, बजरंगी सिंह, रमेश राय आदि शामिल रहे।