मऊ। कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट की आहट को लेकर शासन के निर्देश पर एंटीजन के साथ आरटीपीसीआर की जांच पर जोर दिया जा रहा है। आरटीपीसीआर की जांच के लिए घोसी के टडियांव लैब की क्षमता को बढ़ाई जाएगी। जांच के लिए लैब में लगी प्लेट की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा। इससे आरटीपीसीआर की जांच आसानी से की जा सकें।
जनपद में आरटीपीसीआर की जांच के लिए सभी नमूने घोसी के टडियांव लैब भेजे जा रहेे हैं। पहले जहां लैब में 200 - 250 लोगों की आरटीपीसीअर से जांच हो रही है, अब उसे बढ़कार छह गुना यानि 1200 की जांच प्रतिदिन कराने की क्षमता कर दी गई है। अभी जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों की एंटीजन के साथ आरटीपीसीआर से जांच कराई जा रही है, लेकिन नए आदेश के अनुसार अब ऐसे मरीजों का आरटीपीसीआर से जांच अनिवार्य कर दिया गया है। अब कोरोना के नए वेरिएंट जेएन- 1 के बढ़ते प्रभाव के बाद शासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण की समस्या वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। दो दिन पहले ही शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी कर इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। पिछले दिनों ऑक्सीजन प्लांट संचालन को लेकर मॉकड्रिल के बाद अब सभी जगहों पर जांच से जरूरी उपकरणों का सत्यापन, दवाइयों के स्टाक का मिलान करने को भी कहा गया है। सभी अस्पतालों कोरोना जांच की पूरी व्यवस्था व पहले से बीमार लोगों, विशेषकर हृदय, सांस वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर आरटीपीसीआर जांच भी करवाई जाएगी।
घोसी के टडियांव लैब में अभी करीब रोजाना 250 लोगों की जांच कराई जा रही है, लैब की क्षमता को विकसित कर दिया गया है, लैब में रोजाना करीब 1250 लोगों की जांच आसानी से हो सकती है। - रवि झा, जिला महामारी अधिकारी