टीकाकरण की जानकारी ऑनलाइन होंगी। इससे मरीजों को मिनटों में रिकॉर्ड मिलने की सुविधा होगी। स्वास्थ्य विभाग यूविन पोर्टल पर रिकार्ड तैयार कर रहा है। उसमें तेजी से पंजीकरण किए जा रहे हैं।
इसपर अपडेट होने से यह पता चल सकेगा कि जन्म के समय सभी टीके लगे हैं या नहीं। सीएमओ डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि अभी तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं में बीमारियों की रोकथाम के लिए जो टीके लगते हैं उनके रिकार्ड मैनुअल कार्ड पर ही तैयार होते थे।
टीकाकरण का सुरक्षा कवच टूट जाता था तो स्वास्थ्य विभाग को उसकी ट्रैकिंग करने में भी दिक्कत होती थी। इसे देखते हुए यूविन पोर्टल पर अब गर्भवतियों और बच्चों की यह आनलाइन फीडिंग शुरू हो गई कि कितनों ने टीकाकरण का पूरा चक्र पूरा किया है और कितनों ने नहीं।
अगर कोई बच्चा बड़े होकर कहीं विदेश पढ़ाई, रोजगार या दूसरे कार्यों के लिए जाता है तो उस समय मांगा जाने वाला टीकाकरण का रिकार्ड वह आसानी से दिया जा सकेगा।
केंद्रीयकृत डिजिटल ब्योरा तैयार किया जाएगा
यू विन का मतलब है यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम। यह टीकाकरण कार्यक्रम को ट्रैक करने वाला एक पोर्टल है। कोविड-19 वैक्सीनेशन को ट्रैक करने के लिए जिस तरह कोविन एप लाया गया था, उसी तरह से तमाम बीमारियों से बचाव के लिए कई टीके लगाए जाते हैं। उस टीकाकरण को ट्रैक करने के लिए यूविन पोर्टल शुरू किया गया है। यू विन एप की मदद से एक केंद्रीयकृत डिजिटल ब्योरा तैयार किया जाएगा, जिसमें बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का डेटा रखा जाता है। यू विन पोर्टल पर सभी गर्भवती महिलाओं और बच्चों को 12 रोकथाम योग्य बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण के रिकार्ड को ट्रैक किया जाएगा। सीएमओ डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि 14200 बच्चों को चिह्नित किया गया है, जिनका टीकाकरण कराया जा रहा है। साथ ही इसमें गर्भवती महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।