मधुबन। स्थानीय तहसील क्षेत्र के उंदुरा स्थित सूफी संतों की मजार पर लगने वाले सालाना उर्स में शामिल होने के लिए जायरीनों ने डेरा डाल दिया है। यहां 29 एवं 30 अप्रैल को सालाना उर्स लगेगा। दूर-दराज सहित गैर प्रांतों से आने वाले जायरीन यहां अस्थाई टेंट बना कर रह रहे हैं। वहीं मजार कमेटी से लोगों के रहने, खाने-पीने, शुद्ध पेयजल आदि की पूरी व्यवस्था की गई है। दो दिवसीय उर्स को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। रविवार को सीओ मधुबन अभय कुमार सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय ने मजार स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। मधुबन के उंदुरा स्थित दो संत शाह मुहम्मद मुख़्तार अहमद शाह, मुहम्मद मोईनुद्दीन के मजार के प्रति हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों में एक जैसी आस्था है। गोरखपुर से आए विजय प्रजापति ने बताया कि वह हर साल यहां आते हैं। गाजीपुर से आए बृजवासी शर्मा ने बताया कि 6-7 सालों से लगातार आ रहें हैं। मजार के प्रति उनके में में आस्था है। मालेगांव से आए सफीक अहमद बीते 13 सालों से यहां हर साल आते हैं। मालेगांव से आए बुजुर्ग फरोग अहमद ने बताया कि वह यहां सन 1965 से लगातार आ रहे हैं। उस समय वह छोटे थे तो अपने मां-बाप के साथ आते थे। उनके पूर्वज भी यहां के मुरीद में शामिल थे। उनके घर के सभी लोग यहां के मुरीद हैं।
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मेले में सजी दुकानें
उंदुरा में दो दिवसीय उर्स पर मेला लगता है। ऐसे में यहां रविवार को दूर-दूर से आए लोग दुकानें सजाते हैं। मजार स्थल पर अभी से मेला जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं मजार कमेटी से शाह मुहम्मद, शाह मुहम्मद शाहिद, शाह मुहम्मद इकबाल तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। व्यवस्थापक शाह गुलाम मोहम्मद नूरानी ने बताया कि उर्स की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मौसम को देखते हुए दूर से आने वाले जायरीनों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था है। मजार स्थल एवं उसके आसपास बड़ी संख्या में वॉलिंटियर्स तैनात हैं।