कोपागंज पीसीएफ केंद्र पर यूरिया लेने के लिए मौजूद किसान।
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जिले के साधन सहकारी समितियों पर किसानों की मांग के अनुरुप यूरिया की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। रबी फसल की सिंचाई के बाद यूरिया न मिलने से किसानों को फसल उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। समितियों पर जो यूरिया भेजी गई है वह नाकाफी है। समितियों का कहना है कि उन्हें एक रैक यूरिया की और जरूरत है।
जिले में किसानों को सरकारी रेट पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 92 साधन सहकारी समितियां, 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ खोले गए हैं। इसके साथ ही 350 निजी दुकानों को लाइसेंस जारी किया गया है। रबी फसल की सिंचाई हो गई है। अब यूरिया के छिड़काव का समय हो गया है। लेकिन जरूरत के समय समितियों पर यूरिया की आपूर्ति न होने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। विभाग की तरफ से 2650 एमटी यूरिया समितियों पर भेजी गई। लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए समितियों ने इतनी ही यूरियाऔर उपलब्ध कराने की कृषि विभाग से मांग की है। विभाग की ओर से यूरिया का 10 हजार एमटी का लक्ष्य रखा गया है। शनिवार को यूरिया न मिलने के विरोध में किसानों ने घोसी में जाम लगाया था।
वहीं अधिकांश समितियों पर किसानों तथा सचिवों की बीच नोकझोंक हुई थी। सूत्रों की मानें तो यूरिया की रैक समय से न आने से उर्वरक वितरण में समस्या उत्पन्न हुई है। समितियों पर यूरिया की समय से उपलब्धता न होने से निजी दुकानदार मनमाना दाम ले रहे। इससे आर्थिक चपत लग रही है।