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UP Politics: अरविंद राजभर को हो गया दिवालियापन, राजीव राय ने सुभासपा नेता पर किया तंज; बोले-स्टंटबाजी छोड़ें

Thu, 20 Mar 2025 09:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

सपा सांसद राजीव राय ने सुभासपा नेता पर सियासी तंज किया है। कहा कि निरीक्षण के नाम पर रेलवे स्टेशन जाकर सिर्फ स्टंटबाजी की गई है। जनता को ऐसे नेताओं से बचकर रहना चाहिए।
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राजीव राय और अरविंद राजभर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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UP Politics: मऊ जंक्शन जिले में दो राजनैतिक पार्टी के बीच विवाद की जड़ बन रहा है। दरअसल गुरुवार को इसी जंक्शन का निरीक्षण करने के बाद सुभाससा प्रत्याशी रहे डॉ. अरविंद राजभर के बयान पर सपा सांसद राजीव राय ने वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। 

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दो मिनट बीस सेकेंड के इस वीडियो में घोसी सांसद ने बीते बुधवार को सुभासपा नेता अरविंद राजभर द्वारा हूटर बजाते हुए भारी संख्या में लोगों के साथ पहुंच कर मऊ रेलवे स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 
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बोले कि सुभासपा नेता अरविंद राजभर द्वारा उन पर रियलिटी चेक के नाम पर लगाए गए आरोपों को हास्यास्पद, बे-बुनियाद तथा नासमझी भरा है।आगे कहा कि मुझे उम्मीद थी कि चुनाव हारने के बाद अरविंद राजभर ने कुछ सबक लिया होगा, लेकिन 8 महीने बीतने के बाद भी अपने लोगों को लेकर गैर-कानूनी तरीके से रेलवे स्टेशन पर जाकर रियलिटी चेक के नाम पर स्टंट बाजी करना तथा दुर्व्यवस्था पैदा करना उनके मानसिक दिवालियापन को दिखाता है। 

घोसी सांसद ने कहा मैंने लगभग 8 महीने पहले चुनाव जीतने के बाद मऊ के रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था उस दौरान जो कमियां वहां दिखाई दी थी उसके संबंध में रेल मंत्री से फोन पर वार्ता किया तथा पत्र के माध्यम से भी उनको वहां की समस्याओं से अवगत कराया था। 

साथ ही साथ रेलवे स्टेशन से सटे सईदी मार्ग के बदहाली का मुद्दा भी उठाया था। उस वक्त फोन पर वार्ता के दौरान रेल मंत्री ने कार्यवाही की बात भी कही थी। लेकिन ठोस कार्यवाही न होने पर मैंने इस बात को सदन में दोहराया था। 

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मऊ में गरमाई सियासत
इस प्रकरण को सदन में उठाने पर रेल मंत्री, रेल राज्य मंत्री तथा तमाम भाजपा के सांसदों की मौजूदगी के बावजूद सब ने समस्या को ध्यानपूर्वक सुना लेकिन किसी ने किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी नहीं की। अब 8 महीने पुराने निरीक्षण का रियलिटी चेक करने का होश 8 महीने बाद अरविंद राजभर को आया है। 

घोसी सांसद ने आगे कहा जिस व्यक्ति को इतना भी ज्ञान ना हो कि मुद्दा कितने महीने पुराना है, उस व्यक्ति से जनता और क्या अपेक्षा करेगी। घोसी सांसद ने कहा 8 महीने पहले मेरे किए गए निरीक्षण तथा उसको रेल मंत्री के संज्ञान में लाने का ही नतीजा है, जो तत्कालीन शिकायतों में अब संभावित कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। 

घोसी सांसद ने अरविंद राजभर को अनाधिकृत निरीक्षण करने का अधिकार देने वाले रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी कठोर कार्यवाही की बात कही।सांसद ने कहा जो व्यक्ति सदन में दिए हुए मेरे भाषण को समझ भी ना पाए उसको क्या ही कहा जाए।

वह बिना किसी संवैधानिक पद पर रहे रेलवे स्टेशन का अनाधिकृत निरीक्षण कैसे करने दिया गया? उनके साथ 50 से 100 लोगों का बिना रेलवे टिकट लिए रेलवे प्लेटफार्म पर घूमने के दौरान किसी ट्रेन के आ जाने पर यदि भगदड़ की स्थिति होती और कोई जान माल की क्षति होती तो उसका जिम्मेदार कौन होता? अरविंद राजभर द्वारा मऊ रेलवे स्टेशन को तथा वहां की गंभीर समस्याओं को मात्र स्टंट बाजी का जरिया बनाना राजीव राय ने बेहद अफसोस जनक और शर्मनाक बताया।
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