मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू होने में आठ दिन ही शेष हैं, लेकिन परीक्षा को नकलविहीन कराने की तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। इसके लिए 245 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा पर नजर रखने के लिए 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी मेें होंगी। केंद्र व्यवस्थापकों को रिकार्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा नौ फरवरी से 16 फरवरी तक होनी है, लेकिन परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने की तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। इसके लिए जिले में 245 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। केंद्र व्यवस्थापकों को रिकार्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 39213, इंटरमीडिएट में 39773 सहित 78986 परीक्षार्थी शामिल होंगे।बोर्ड ने पोर्टल पर 287 परीक्षकों की सूची जारी की है। परीक्षा को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है।
परीक्षा पर नजर रखने के लिए 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक पांच प्रतिशत परीक्षा केंद्रों की रैंडम जांच करेंगे। जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएगी। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षा को हर हाल में नकलविहीन कराया जाएगा।