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यूपी बोर्ड परीक्षा : 496 में से 64 माध्यमिक विद्यालयों ने ही अपलोड की जानकारी

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यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी देने में भारी लापरवाही सामने आई है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की समीक्षा में जिले के 496 स्कूलों में से मात्र 64 स्कूलों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने लापरवाह माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को चेतावनी पत्र जारी किए हैं।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शासन की तरफ से यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी माध्यमिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी 20 जुलाई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
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बोर्ड ने केंद्र निर्धारण के लिए अंक प्रणाली तय की है। इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालयों को 20 अंक, हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों को 10 अंक मिलेंगे। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को 50 अंक, सहायता प्राप्त विद्यालयों को 40 अंक और मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को 20 अंक दिए जाएंगे।
विद्यालयों की परीक्षार्थी क्षमता भी मेरिट का महत्वपूर्ण आधार होगी। 500 परीक्षार्थियों की क्षमता पर 10 अंक, 750 परीक्षार्थियों की क्षमता पर 20 अंक तथा एक हजार या उससे अधिक क्षमता वाले विद्यालयों को 30 अंक मिलेंगे। सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होने पर 10 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
विभाग की तरफ से निर्धारित तिथि में मात्र दो दिन ही शेष बचे हैं, लेकिन अभी तक 64 स्कूलों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है।
अधिकारियों की मानें तो सभी विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य है।
निर्धारित समय सीमा तक पोर्टल पर डाटा अपलोड न होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं। साथ ही विभागीय स्तर से कार्रवाई भी होगी।
ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक ने डाटा अपलोड करने में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को चेतावनी पत्र जारी किया है। साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
इस बाबत डीआईओएस गौतम प्रसाद का कहना है कि सभी विद्यालयों को निर्धारित समय के अंदर पोर्टल पर डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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