घोसी नगर के बड़ागांव में शुक्रवार की रात सहने जाफरी के पास कर्बला के जवान शहीद हजरत अली अकबर की याद में शब्बेदारी का आयोजन किया गया।
बड़ागांव की अंजुमनों के साथ कोपागंज, फैजाबाद और मुबारकपुर, आजमगढ़ की अंजुमनों ने भी नौहा पढ़कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि पेश की।
इस अवसर पर तकरीर करते हुए मौलाना शैफ आब्दी ने हजरत अली अकबर के 18 साल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें दीन के लिए कुर्बानी देने वाला बताया। तकरीर के बाद नौहा व मातम का दौर शुरू हुआ।
एक-एक करके अंजुमनों ने नौहा पढ़ा। अंजुमन तंजीमुल हुसैनी, अंजुमन मासूमियां कदीम, दस्ता-ए-मासूमियां, अंजुमन मासूमियां, अंजुमन हुसैनी मिशन, अंजुमन मासूमियां रजिस्टर्ड, अंजुमन इमामिया, अंजुमन कमरे बनी हाशिम मुबारकपुर ने दर्द भरे नौहे पढ़े।
नौहा सुनकर उपस्थित अजादारों की आंखें नम हो गईं। जुलूस रात लगभग तीन बजे तक चला। इस अवसर पर कैप्टन, रिजवान, सईद हुसैन, मौलाना शफकत तकी, गजनफर अब्बास, तफहीम हैदर, कमर अब्बास, मुहम्मद शौकीन, नजमुल हसन, मुहम्मद आजम अली, मौलाना नसीमुल हसन, मेहंदी आदि रहे।