जिले में बिना मान्यता के चल रहे मदरसों और अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच होगी। शासन की तरफ से इस आशय का पत्र जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को जारी किया गया है।
जिले में 175 पंजीकृत मदरसों में 80531 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके अलावा 100 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं। मदरसों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के कल्याण के लिए प्रदेश तथा केंद्र सरकार की तरफ से जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में योजनाओं में अनियमितमता मिलने की शिकायत पर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिले में संचालित हो रहे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की उच्चस्तरीय जांच होगी। सूत्रों की मानें तो गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को विभिन्न स्रोतों से फंड मिल रहे है। शासन की तरफ से उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। शासन की तरफ से गठित टीम मदरसों मेें केंद्रीय तथा प्रदेश सरकार की तरफ से दी जा रही छात्रवृत्ति तथा गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में मिल रहे फंड सहित विभिन्न बिंदुओं पर जांच पड़ताल करेगी। शासन के फरमान से मदरसा संचालक जांच से बचने की जुगत में जुट गए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह ने बताया कि शासन का पत्र मिलते ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।