प्रदर्शन करते लोगों से बात करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
बेकाबू ट्रैक्टर चालाक ने सामने से आ रही बाइक में टक्कर मार दी।हादसे बे बाइक चालाक बाइक से नीचे आ गिरा और ट्रैक्टर के पहिया के नीचे आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।उधर हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अमिला लाटघाट मार्ग पर जाम लगा दिया।
इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस को शव भी पोस्टमार्टम के लिए देने से इनकार करते हुए पहले आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के रियाव गांव निवासी वीरेंद्र सिंह पटेल(40) पुत्र स्व.गिरधारी राजगीर मिस्त्री का काम करता था।सोमवार की देर शाम करीब पांच बजे वह बाइक से वह अपने छोटे भाई रामेश्वर किसी काम से गांव से बाहर निकला था।
इसी बीच वह गांव के सामने मुख्य मार्ग के पास पहुंचा था कि एक ईट भट्टे का ट्रेक्टर ने सामने से बाइक में टक्कर मार दी।टक्कर लगते ही वीरेंद्र बाइक से उछलकर नीचे आ गिरा, जब तक वह संभल पाता तब तक वह ट्रेक्टर के अगले पहिया के जद में आ गया।हादसे में उसकी दर्दनाक मौत हो गई।उधर हादसे के बाद पहुंचे परिजनों ने शव के साथ अमिला लाटघाट मार्ग पर जाम कर दिया।
उधर दोहरीघाट पुलिस ने लाख कोशिश की लेकिन पुलिस को परिजनों शव देने से इंकार करते हुए सबसे पहले आरोपी चालक को गिरफ़्तार करने की मांग की ।उधर देर शाम सीओ घोसी दिनेश दत्त मिश्रा ने परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह उनका गुस्सा शांत नहीं कर सके।उधर नाराज लोगों ने रास्ता बंद करने के लिए बॉस बल्ली की बेरीकेडिंग कर जाम किए हुए थे।
घर का अकेला कमाऊं सदस्य था वीरेंद्र
हादसे में मृत वीरेंद्र की तीन बेटियां और एक बेटा है।इसमें एक बेटी दिव्यांग है।तीनों बेटियां अभी अविवाहित है।अपने घर का वीरेंद्र इकलौता कमाऊ सदस्य था। घटना के बाद अब सबके सवाल ये हैं कि आखिर अब उसके परिवार का खर्च कैसे चलेगा?