विद्युत उपकेंद्रों में आए दिन तकनीकी खामी, जर्जर तारों के टूटने तथा फाल्ट से नगर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहराता ही जा रहा है। 20 घंटे के मुकाबले 12 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। इससे जहां बुनाई कारोबार तथा कृषि कार्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं, गर्मी व उमस से लोगों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
जिले में 37 विद्युत उपकेंद्रों से नगर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। मऊ नगर में बुनाई प्रमुख व्यवसाय है। अघोषित बिजली कटौती से बुनाई कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है।
बुनकरों की मानें तो बिजली कटौती, शट डाउन, ब्रेक डाउन, ट्रिपिंग घंटों बिजली गुल हो जा रही है। बुनकरों को परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च चलाना भारी पड़ रहा है। कम बिजली मिलने के चलते आर्डर के मुताबिक माल तैयार नहीं हो पा रहा है। लेकिन बिजली आपूर्ति की दयनीय स्थिति से कारोबार चौपट होने के कगार पर है। वहीं रात के समय बिजली अप डाउन होने से लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बरनवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष कमरुज्जमा का कहना है कि बिजली कटौती से बुनकरों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है।
इससे रोजी रोटी का संकट बढ़ गया है। दिन व रात में बार-बार ट्रिपिंग व फाल्ट से घंटों बिजली गुल हो जा रही है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता बीआर यादव का कहना है कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास जारी है।